रायपुर (समाचार मित्र) छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों ने सरकार की अनदेखी और नियमितीकरण समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के सभी 33 जिलों के करीब 16,000 NHM कर्मियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। राजधानी रायपुर के 1,400 से अधिक कर्मियों ने CMHO कार्यालय पहुंचकर अपना इस्तीफा सौंपा।
रायपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
NHM कर्मचारियों की भारी भीड़ और आक्रोश को देखते हुए रायपुर में CMHO कार्यालय के बाहर तीन स्तरीय बैरिकेडिंग की गई है। 50 हजार से ज्यादा मितानिन दीदियां तूता धरना स्थल पर पहुंच गई हैं। पुलिस बल तैनात कर उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है। मितानिनें सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रही हैं।
जिलों से इस्तीफों की बौछार
बिलासपुर: जिले के 735 NHM अधिकारी-कर्मचारियों ने CMHO को सामूहिक इस्तीफा सौंपा।
कांकेर: यहां 655 स्वास्थ्य कर्मियों ने संघ के पदाधिकारियों की बर्खास्तगी के विरोध में रैली निकालकर अपना इस्तीफा सौंपा।
बालोद: जिले के 502 NHM संविदा कर्मियों ने भी अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया।
बर्खास्तगी से भड़के कर्मचारी
इससे पहले प्रदेश के 25 NHM अधिकारी और कर्मचारी, जिनमें संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे भी शामिल हैं, को बर्खास्त कर दिया गया। आरोप है कि ये सभी कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं थे। इस कार्रवाई से कर्मियों में आक्रोश और बढ़ गया है। इसके बावजूद NHM कर्मचारी हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं हैं।
नियमितीकरण और मांगें पूरी करने की मांग
NHM कर्मचारी लगातार नियमितीकरण, सेवा शर्तों में सुधार, वेतनमान समानता और अन्य 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से संवाद कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर उन्होंने अब सामूहिक त्यागपत्र का रास्ता चुना है।

