कोरबा (समाचार मित्र) अस्थाई सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में 60 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बुधवार को हंगामा हो गया। ग्रामीणों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहसील कार्यालय में करीब तीन घंटे धरना दिया। मामला कोरबा जिले के हरदीबाजार क्षेत्र का है।
बाद में SECL दीपका प्रबंधन द्वारा पीडित परिवार को 6 लाख रुपए मुआवजा और मृतका के एक पुत्र को अस्थार्ड नौकरी देने की घोषणा के बाद धरना समाप्त हुआ। मृतका की पहचान ग्राम पंचायत रेकी निवासी भगा बाई, पति गौठिया पटेल के रूप में हुई है।जानकारी के अनूसार, मंगलवार दोपहर करीब 1 बज भगा बार्ड गांव के तालाब में स्नान कर घर लौट रही थीं। डसी दौरान अचानक उनके शरीर में तेज दर्द ह़ुआ परिजन उन्हें तत्काल हरदीबाजार के अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहंचे
ग्रामीणों के अनसार, डॉक्टरों ने बीपी समेत अन्य जांच बाहर से कराने को कहा। रिपोर्ट सामान्य आने की बात बताई गईं। परिजनों का कहना है कि महिला खुद पैदल चलकर अस्पताल के अंदर गई थीं, लेकिन इलाज शुरू होने के कुछ घंटे बाद उनकी मौत हो गई।
मौत की खबर के बाद अस्पताल में जटे ग्रामीण
बुधवार को महिला की मौत की खबर फैलते ही बडी संख्या में ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र पहंच गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मूल अस्पताल भवन ध्वस्त होने के बाद पुराने तहसील भवन में अस्थाई अस्पताल शिफ्ट किया गया था और बेहतर स्वास्थ्य स्ुविधाएं देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन यहां पर्याप्त दवाएं और जांच की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि मामूली जाच के लिए भी मरीजों को बाहर जाना पडता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र में पहले भी लापरवाही की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
तहसील कार्यालय में तीन घंटे धरना
मामले को लेकर ग्रामीण तहसील कार्यालय पहंचकर करीब तीन घंटे धरने पर बैठे। इस दौरान विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल. रेकी सरपंच तीज राम. उप सरपंच शिव नारायण यादव, हरदीबाजार सरपंच लोकेश्वर कंवर, नरेश टंडन, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, उत्तम पटेल और कष्णा पटेल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। तहसीलदार अमित केरकेट्टा भी मौके पर मौजूद थे
SECL से 6 लाख मुआवजा और बेटे को अस्थाई नौकरी पर सहमति
विधायक प्रेमचंद पटेल ने बताया कि पीडित परिवार के साथ धरने पर बैठने के बाद SECL दीपका प्रबंधन ने 6 लाख रुपए मुआवजा और मृतका के एक पुत्र को अस्थाई नौकरी देने पर सहमति जताईं। इसके बाद धरना समाप्त किया गया। विधायक ने अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र को जल्द सवसूविधायूक्त बनाने की मांग भी रखी।


