कोरबा (समाचार मित्र) कोरबा जिले एक ग्राम पंचायत में sarpanch और उपसरपंच पति के बीच आपसी विवाद का मामला सामने आया है। सरपंच ने उपसरपंच पति पर 40 लाख रुपये दबावपूर्वक निकालकर हड़पने का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर से कार्यवाही की मांग की है। वही दूसरी ओर उपसरपंच पति ने आरोपों को किसी के बहकावे में आकर शिकायत करना और निराधार बताया है।

सरपंच के उपसरपंच पति और भाजपा के मंडल अध्यक्ष पर लगाया गंभीर आरोप !
मामला करतला जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुमिया का है जहां के सरपंच गौतम बियार ने उपसरपंच पति ओमप्रकाश साहू उर्फ़ राजू साहू पर दबावपूर्वक ग्राम पंचायत के 40 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया हैं। सरपंच का आरोप है कि राजू साहू द्वारा अपने निजी फर्म सत्यम इंटरप्राइजेस के नाम पर बिल लगाने का दबाव बनाया जाता है। सरपंच ने आरोप लगाया है कि पूर्व में स्वीकृत प्रभारी मंत्री मद से 40 लाख रुपए का निर्माण कार्य राजू साहू द्वारा लाया गया है कहकर 8 लाख रुपए को अपने फर्म में डलवा दिया।
जनपद पंचायत द्वारा दिए गए चेक को पकड़कर रखने का आरोप !
सरपंच का आरोप है कि राजू साहू द्वारा जय स्तंभ के पास बन रहे अहाता निर्माण के लिए जारी अग्रिम राशि 6 लाख रुपए का चेक अपने पास रख लिया है और अपने फर्म के खाते में डलवाने का दबाव बनाया जा रहा है। ग्राम पंचायत की सरपंच ने उपसरपंच पति पर दबावपूर्वक करीब 40 लाख रुपये की राशि निकलवाकर हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। सरपंच का आरोप है कि राशि निकाले जाने के बावजूद संबंधित कार्य नहीं कराए गए।
बरपाली भाजपा मण्डल अध्यक्ष का दिखाता है धौंस !
उक्त मामले में हैरानी की बात ये कि सरपंच ने उपसरपंच पति पर भाजपा मण्डल अध्यक्ष होने का धौंस दिखाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर ग्राम पंचायत गुमिया सरपंच ने कलेक्टर और पुलिस थाने में अपराध पंजीबद्ध करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सरपंच ने आरोपों की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है। अब प्रशासनिक और पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
राजू साहू ने कहा “पंचायत की सहमति से किया सभी कार्य, आरोप झूठे”
उपसरपंच पति एवं बरपाली के मण्डल अध्यक्ष राजू साहू से जब समाचार-मित्र की टीम ने उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्हें बताया कि पंचायत के सारे कार्य पंचायत सरपंच, सचिव एवं पंचगणों के सहमति पर किया जाता है, विकास कार्यों को पंचायत तक लाने में मेहनत तो करना पड़ता ही है। पंचायत के सभी कार्यों के लिए मटेरियल सत्यम इंटरप्राइजेस दुकान से ही जाते है इसलिए बिल का भुगतान उसी नाम से होता है। 20 लाख रुपए का काम सरपंच द्वारा किया जा रहा है यह शिकायत केवल दूसरे व्यक्ति के भड़काने मात्र से किया गया है।


