कोरबा (समाचार मित्र) रोजगार गारंटी योजना के तहत हितग्राहियों को मिलने वाली मजदूरी भुगतान में लापरवाही एक रोजगार सहायक को भारी पड़ गया। विकसित भारत-गारंटी फॅार रोजगार एण्ड अजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्तमान में ग्राम पंचायत कथरीमाल, प्रभार पंचायत गुमिया के रोजगार सहायक धनाउ दिवाकर को पद से पृथक (सेवा समाप्त) कर दिया गया है।
पद से पृथक करने के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी/कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत करतला को जिला पंचायत सीईओ द्वारा निर्देशित किया गया है। यह आदेश 21 सितम्बर को जारी किया गया जिसमें रोजगार सहायक के विरुद्ध की गई शिकायत की जनपद सीईओ द्वारा जांच में आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई तय की गई है।
सीएम हेल्पलाइन में थी हुई शिकायत !
मुख्यमंत्री हेल्पलाईन के माध्यम से ग्राम पंचायत गुमिया से प्राप्त शिकायत क्रमांक CC260700120587 दिनांक 27-07-2026, क्रमांक CC260700127901 दिनांक 31-07-2026 एवं CC260800148187 दिनांक 13-08-2026 में रोजगार सहायक द्वारा शासकीय योजनाओं में किसी भी हितग्राही की मजदूरी राशि अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों में अंतरित किया जाना पाया गया। यह अत्यंत गंभीर वित्तीय कदाचार एवं नियमों के सर्वथा विपरीत है। धनाऊ दिवाकर द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने व जनपद पंचायत करतला से प्राप्त प्रस्ताव अनुसार तत्कालीन रोजगार सहायक धनाउ दिवाकर प्रभार ग्राम पंचायत गुमिया (वर्तमान पदस्थ ग्राम पंचायत कथरीमाल) को नियमानुसार पद से पृथक कर जिला पंचायत कार्यालय को 03 दिवस के भीतर अवगत कराना सुनिश्चित करने कहा गया है। हालांकि, इस आदेश के बाद भी उसकी मौजूदगी जनपद में देखी जा रही है। बताते चलें कि इसी रोजगार सहायक ने ग्राम कथरीमाल के गौतम कुमार पिता जवाहर के कोटना निर्माण की सामग्री राशि वेण्डर फर्म जय आरती ट्रेडर्स से सांठगांठ कर मनरेगा शाखा के जरिए वेण्डर के खाता में जमा करा दिया था। गौतम को भरोसा देकर अंधेरे में रखा। खबर प्रकाशन के बाद गौतम को घर पहुंचाकर उसके 64 हजार रुपये रोजगार सहायक ने दिया। इस मामले और वेण्डर फर्म जय आरती ट्रेडर्स की गहन जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे निश्चित हैं।



