कोरबा (समाचार मित्र) कुछ दिन पूर्व तरदा क्षेत्र में खेत से करीब 4 फीट लंबे मगरमच्छ के पकड़े जाने की घटना के बाद अब कुदूरमाल की नदी में मगरमच्छ होने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। हालांकि, कुदूरमाल नदी में मगरमच्छ होने की बात की पुष्टि नहीं हुई है और वायरल की गई तस्वीर के AI से तैयार की गई फर्जी फोटो होने की बात सामने आई है।
सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। मगरमच्छ नदी में होने के दावे को लेकर ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल बना, लेकिन जांच-पड़ताल के बाद यह दावा भ्रामक/झूठा बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, फर्जी AI फोटो बनाकर उसे वास्तविक घटना बताकर वायरल किया गया, जिससे लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम की स्थिति पैदा हुई। देश के अलग-अलग हिस्सों में भी AI से बनाई गई वन्यजीवों की फर्जी तस्वीरें वायरल होने के मामले सामने आए हैं, जिनमें संबंधित वन विभाग ने बाद में तस्वीरों को फर्जी बताया है।
अफवाह फैलाने वालों पर हो सकती है कार्रवाई !
फर्जी फोटो और भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है। लोगों से अपील है कि किसी भी वन्यजीव या अन्य संवेदनशील घटना से जुड़ी तस्वीर अथवा वीडियो को बिना सत्यापन के सोशल मीडिया पर शेयर न करें।
