छत्तीसगढ़ में बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत प्रक्रिया तेज कर दी गई है। फसलों और मकानों के नुकसान का सर्वे कर RBC 6-4 के तहत पात्र परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ (समाचार मित्र) प्रदेश में लगातार बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बाढ़ से फसलों, मकानों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का त्वरित सर्वे कराया जाएगा। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का सटीक आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे के बाद पात्र प्रभावित परिवारों को आरबीसी 6-4 (RBC 6-4) के प्रावधानों के तहत नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए अनुदान चेक भी वितरित किए जा रहे हैं। साथ ही क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के निर्देश पर अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का सटीक आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे के दौरान बाढ़ से प्रभावित जान-माल, फसलों और मकानों को हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके आधार पर प्रभावित परिवारों को राहत और मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत !
बाढ़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से अनुदान के चेक वितरित किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रभावित लोगों को राहत राशि जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें बाढ़ के बाद की परिस्थितियों से उबरने में मदद मिल सके।
क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत और पुनर्निर्माण !
बाढ़ के कारण जिन मकानों को नुकसान पहुंचा है, उनकी मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए भी सरकार की ओर से सहायता दी जाएगी। सर्वे के आधार पर मकानों को हुए नुकसान का आकलन कर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जाएगी।
नष्ट दस्तावेजों को दोबारा बनाने की प्रक्रिया शुरू !
बाढ़ के पानी में कई लोगों के जरूरी दस्तावेज भी नष्ट हुए हैं। ऐसे प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए राजस्व विभाग ने दस्तावेजों की बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग द्वारा आवश्यक दस्तावेज दोबारा तैयार कराने में मदद की जाएगी, ताकि लोगों को आगे किसी सरकारी योजना या जरूरी काम में परेशानी न हो।


