हसदेव नदी में अवैध रेत उत्खनन का खेल, जलस्तर गिरते ही बढ़ी गतिविधियां।
कोरबा (समाचार मित्र) हसदेव नदी घाट पर नदी का जलस्तर गिरने के साथ ही कथित अवैध रेत उत्खनन करने वालों की गतिविधियां बढ़ने का आरोप सामने आया है। नदी घाटों पर ट्रैक्टरों के जरिए रेत निकाले जाने से नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ग्राम पंचायत चिचोली का ठिठोली घाट बना रेत चोरी का अड्डा !
स्थानीय लोगों के अनुसार, जलस्तर कम होते ही नदी के कई हिस्सों में रेत आसानी से उपलब्ध होने लगी है, जिसका फायदा उठाकर कथित तौर पर बिना अनुमति रेत उत्खनन किया जा रहा है। ट्रैक्टरों के लगातार नदी में उतरने से नदी का सीना चीरकर रेत निकालने का सिलसिला चलने की बात कही जा रही है।
प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग !
अवैध रेत उत्खनन से जुड़े मामलों में स्थानीय लोगों ने प्रशासन और खनिज विभाग से घाटों पर नियमित निगरानी बढ़ाने, अवैध उत्खनन की जांच करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। आरोप है कि ग्राम चिचोली और ठिठोली से कई रेत माफिया अपना खुद का रेत घाट बनाकर रेत चोरी के संगठित कार्य में लगे हुए है।
अब देखना होगा कि हसदेव नदी के घाटों पर चल रही इन गतिविधियों को लेकर संबंधित खनिज विभाग कब तक जांच और कार्रवाई करता है।


