जांजगीर-चांपा( समाचार मित्र) आपको बता दें कि कल गुरुवार 1अक्टूबर को नवागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल जांजगीर रेफर किए गए मरीज को 108 एंबुलेंस से निजी एंबुलेंस में शिफ्ट किए जाने का मामला सामने आने के बाद अब कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले की शिकायत भी की गई, लेकिन शिकायत के बाद भी कोई अब तक ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि 1 अक्टूबर को भी इस मामले को लेकर समाचार प्रकाशित किया गया था, जिसमें नवागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस द्वारा जांजगीर पहुंचने के दौरान निजी एंबुलेंस में मरीज को शिफ्ट किए जाने की बात सामने आई थी।
वहीं सूत्रों के अनुसार, जिले में तैनात 108 सेवा से जुड़े कुछ कर्मचारियों पर निजी अस्पतालों तक मरीज पहुंचाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि इस पूरे मामले में 108 के स्थानीय सुपरवाइजर
की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।
अब सवाल यह है कि शिकायत और खबर सामने आने के बाद भी जिम्मेदार विभाग द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या मरीजों को सरकारी 108 सेवा से निजी एंबुलेंस में शिफ्ट करने की अनुमति है? यदि नहीं, है तो संबंधित कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी?


