आधार दिवस 2026 पर सरायपाली में विशेष आधार सेवा शिविर आयोजित, करीब 80 हितग्राहियों को मिली आधार सेवाए ।
महासमुंद (समाचार मित्र) आधार की ऐतिहासिक शुरुआत की स्मृति में 29 सितंबर को मनाए जाने वाले आधार दिवस के अवसर पर महासमुंद जिले के सरायपाली तहसील स्थित के.जी. कान्वेन्ट स्कूल में विशेष आधार सेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन CHiPS, आधार एवं जिला आधार टीम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
उल्लेखनीय है कि 29 सितंबर 2010 को भारत का पहला आधार नंबर महाराष्ट्र की रंजना जी के नाम जारी किया गया था। इसी ऐतिहासिक अवसर की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 29 सितंबर को आधार दिवस के रूप में मनाया जाता है।
विशेष आधार सेवा शिविर के दौरान लगभग 80 हितग्राहियों को विभिन्न आधार सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविर में स्कूली बच्चों के आधार में Mandatory Biometric Update (MBU) की प्रक्रिया के साथ-साथ अन्य हितग्राहियों के बायोमेट्रिक एवं मोबाइल नंबर अपडेट सहित आवश्यक आधार सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
पहचान से परिवार तक पहुंचाने की मानवीय पहल
शिविर के दौरान एक विशेष मानवीय पहल भी सामने आई। सरायपाली क्षेत्र में पिछले लगभग 4–5 महीनों से एक मानसिक रूप से दिव्यांग एवं घुमंतू अधेड़ व्यक्ति रह रहा था, जिसकी पहचान एवं परिवार के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं थी।
उसकी पहचान का पता लगाने तथा उसे उसके परिवार एवं परिजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से उसका नया आधार पंजीयन किया गया। इस पहल के माध्यम से उसकी पहचान संबंधी जानकारी प्राप्त होने तथा भविष्य में उसे उसके परिवार तक पहुंचाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
इस प्रकार आधार दिवस का यह आयोजन केवल आधार पंजीयन और अपडेट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पहचान के माध्यम से एक जरूरतमंद व्यक्ति को उसके परिवार से जोड़ने की मानवीय कोशिश का भी माध्यम बना।
इस आधार सेवा कार्य में आधार गाइड एवं आधार टीम के सदस्य सुनील चौहान, युगल किशोर पाणी, अनु यादव सहित अन्य सहयोगियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सफल आयोजन के लिए UIDAI, के.जी. कान्वेन्ट स्कूल प्रबंधन, CHiPS आधार टीम, जिला आधार E-DM भूपेंद्र सर, जिला कोऑर्डिनेटर मूलचंद निषाद, डिगेश सिन्हा, आधार ऑपरेटर हेमंत पटेल एवं रेशम यादव सहित सभी सहयोगियों के प्रति आधार गाइड टीम ने हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।
आधार गाइड टीम ने कहा कि सभी सहयोगियों के मार्गदर्शन और सहयोग से आधार सेवाओं को जरूरतमंद नागरिकों तक पहुंचाने का यह प्रयास सफल हो सका।
आधार सिर्फ एक पहचान संख्या नहीं, बल्कि पहचान से जुड़ी अनेक उम्मीदों का माध्यम है। जनसेवा के इसी उद्देश्य के साथ आधार से संबंधित सेवाओं एवं जागरूकता को आम नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।


