छत्तीसगढ़ (समाचार मित्र) छत्तीसगढ के अलग-अलग हिस्सों में मानस्रन एक बार फिर परी ताकत से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पिछल 24 घंटों के दौरान राज्य के मध्य और दक्षिणी इलाकों में झमाझम बारिश देखने को मिली है। क्ड जिलों में तो भारी से अत्यधिक भारी बारिश के कारण सडकें और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। अचानक हुई इस भारी बारिश से आम जनजवन पूरो तरह प्रभावित हुआ है और नदी नाले उफान पर आ गए हैं। राज्य में किसी भी नदी किनारे घूमने जाने पर चेतावनी जारी किया गया है।
इन जिलों में बिगडे हालात !
बारिश के आंकडों पर गौर करें तो बस्तर संभाग का जगदलपुर शहर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा जहां रिकॉर्ड 246.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की ग्ई। इसके अलावा राजनांदगांव में 87 मिमी रायपुर के लालपुर क्षेत्र में 77.3 मिमी, माना एयरपोर्ट पर 69.4 मिमी और दर्ग जिले में 49.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश का सबसे ज्यादा असर बस्तर और आसपास के मध्य छत्तीसगढ के जिलों में देखने को मिल रहा है।
50 KM/H की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं !
मौसम केंद्र ने आज यानी 26 सितंबर को लेकर भी राज्य के कई इलाकों में गंभीर चेतावनी जारी की है। अनमान है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ कूछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का भी अंदेशा जताया गया है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खूले स्थानों या पेड के नीचे न रुकने की सलाह दी है।
27 सितंबर के बाद बारिश थमने की उम्मीद !
बारिश से बेहाल प्रदेशवासियों के लिए राहत की खबर यह है कि 27 सितंबर से मानस्न की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। मौसम विभाग के 7 दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, 27 तारीख को केवल कुछ स्थानों पर ही हल्की-फूरल्क बौछारें या गरज-चमक देखने को मिलेगी। इसके बाद 28 सितंबर से राज्य में बारिश की तीव्रता काफी हद तक घट जाएगी और मौसम साफ होने की ओर बढेगा


