बिलासपुर कोटा (समाचार मित्र) वंदे मातरम के 150वें वर्ष के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर करगी रोड कोटा में गुरुवार दिनांक 25 सितंबर 2026 को ठीक 11:00 बजे वंदे मातरम गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 336 लोगों ने एक साथ एक स्वर में वंदे मातरम का गायन कर राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री मंजीत सिंह पवार ने बताया कि वंदे मातरम राष्ट्रगीत बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी द्वारा रचित आनंदमठ उपन्यास की अमर रचना है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम का क्रांतिकारियों पर इतना गहरा प्रभाव था कि वे हंसते-हंसते वंदे मातरम गाते हुए फांसी पर झूल जाते थे।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सरोज दुर्गेश साहू ने विद्यार्थी भैया-बहनों को संबोधित करते हुए वंदे मातरम के महत्व पर प्रकाश डाला और उन्हें राष्ट्रभक्ति के लिए प्रेरित किया। वहीं समिति के संरक्षक सदस्य वेंकट लाल अग्रवाल ने वंदे मातरम की पंक्तियों में वर्णित भारत माता के शस्य श्यामला स्वरूप और तुम ही दुर्गा दशप्रहरण धारिणी स्वरूप का भावार्थ समझाया।
इस अवसर पर डॉ. श्याम सिंह पेंद्रो जी (आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी कोटा), डॉ. लीलावती साहू, समिति के अध्यक्ष अजय अग्रवाल, व्यवस्थापक राम सजीवन गुप्ता, कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ठाकुर, सह व्यवस्थापक भगवान सक्सेना, प्रवीण अग्रवाल जी, प्राचार्य राकेश पांडे सहित समस्त आचार्य बंधु-भगिनी एवं भैया-बहन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम के उद्घोष के साथ हुआ।


