जांजगीर-चांपा (समाचार मित्र) जिले के बलौदा विकासखंड की ग्राम पंचायत खोहा में 15वें वित्त की राशि से कराए गए नाली सफाई कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के तालाब में मनरेगा के तहत काम कर रहे मजदूरों से ही नाली की सफाई कराई गई, लेकिन इसके बावजूद नाली सफाई के नाम पर 15वें वित्त से भुगतान किया गया। वहीं, मोहल्ले के लिए आए हैंडपंप को निजी खेत में लगाए जाने का भी आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए जांच की मांग की है।
मामला बलौदा विकासखंड के ग्राम पंचायत खोहा का है। यहां ग्रामीणों के मुताबिक गांव में नाली सफाई का कार्य 15वें वित्त योजना के तहत कराया गया है। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि जिस दौरान गांव के तालाब में मनरेगा का काम चल रहा था, उसी दौरान मनरेगा में लगे मजदूरों से नाली की सफाई कराई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि नाली की सफाई मनरेगा के मजदूरों से कराई गई थी, तो फिर 15वें वित्त के तहत इस कार्य का भुगतान किस आधार पर किया गया, यह जांच का विषय है। ग्रामीणों ने संबंधित कार्य और भुगतान की जांच कराने की मांग की है।
वहीं पंचायत में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि मोहल्ले के लिए एक हैंडपंप आया था, लेकिन उसे मोहल्ले में लगाने के बजाय एक निजी खेत में लगा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि मोहल्ले के लोग पानी के लिए परेशान हैं, बावजूद इसके पेयजल सुविधा का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बहोर के घर के पास स्थित हैंडपंप में पंचायत द्वारा सबमर्सिबल पंप और सिंटेक्स लगाए जाने की जानकारी दर्शाई गई है। जबकि ग्रामीणों के अनुसार, उक्त हैंडपंप में सबमर्सिबल पंप बहोर ने स्वयं के पैसे से लगवाया है।
इन आरोपों के सामने आने के बाद पंचायत के सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। अब सवाल यह है कि 15वें वित्त से हुए नाली सफाई कार्य का भुगतान वास्तव में किस काम के लिए किया गया और पंचायत के रिकॉर्ड में दर्शाई गई पेयजल सुविधाएं जमीन पर कितनी मौजूद हैं।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने और दोष पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


