छत्तीसगढ़ की सडकों की स्थिति और निर्माणाधीन सडक परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी कर रहे हाई कोर्ट ने रायपुर बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाली को लेकर नाराजगी जतार्ड है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र व जास्टेस संजय कूमार जायसवाल की डिवीजन बेंच ने NHAI से रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
छत्तीसगढ़/बिलासपुर (समाचार मित्र) छत्तीसगढ़ की सड़कों की स्थिति और निर्माणाधीन सडक परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी कर रहे हाई कोर्ट ने रायपर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर मीडिया में प्रकाशित खबर को गंभीरता से लिया है। स्नवाई के दौरान कोर्ट द्वारा नियूक्त न्यायमित्र ने मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट पेश की, जिसमें रायपर-बिलासपर राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर चौंकाने वाली स्थिति सामने आने का उल्लेख था। हाई कोर्ट के चीफ जास्टेस कृष्ण राम महापात्र व जास्टेस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण NHAI को जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। जनहित याचिका की अगली NEW सुनवाई अक्ट्रबर के पहले सप्ताह में तय कर दी गई है।
चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं की रिपोर्ट पेश
हाई कोर्ट ने 28 जलाई 2026 के आदेश में लोक निर्माण विभाग के सचिव को राज्य की चार प्रमूख सडक परियोजनाओं की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। इसके पालन में लोक निर्माण विभाग के सचिव ने डिवीजन बेंच में शपथपत्र दााखेल कर इन परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति रिकॉर्ड पर रखी।
पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक, बिलासपुर, लंबाई 15.315 किलोमीटर: सीपत से बालोद़ा (कोरब रोड), लंबाई 14.40 किलोमीटर; बिलासपुर लिंक रोड यानी श्रीकांत वर्मा चौक से सीएमडी चौक लंबाई 2.50 किलोमीटरः तथा भाटापारा-सेमरिया- चांदखुरी रोड, लंबाई 1 3.15 किलोमीटर शामिल है।


