छत्तीसगढ़ (समाचार मित्र) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गांजा तस्करी के खिलाफ डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस यानी DRI ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने दो संदिग्ध ट्रकों की तलाशी लेकर 700 किलो से अधिक गांजा बरामद किया है। मामले में 4 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, DRI को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो ट्रकों के जरिए बड़ी मात्रा में गांजा दूसरे राज्य ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद टीम ने पुराने धमतरी रोड और आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी।
इसी दौरान आंध्र प्रदेश नंबर के दो संदिग्ध ट्रक वहां से गुजरते दिखाई दिए। शक के आधार पर DRI की टीम ने दोनों वाहनों को रोककर तलाशी ली।
ऊपर लोहा, नीचे छिपा था गांजा
तलाशी के दौरान टीम को ट्रकों में लदे लोहे के सामान के नीचे बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा मिला। तस्करों ने जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए गांजे को इस तरह छिपाया था कि बाहर से देखने पर दोनों वाहन सामान्य मालवाहक ट्रक ही नजर आ रहे थे।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि गांजे की खेप आंध्र प्रदेश से लाई गई थी और इसे महाराष्ट्र ले जाने की तैयारी थी।
4 आरोपी हिरासत में
कार्रवाई के दौरान DRI ने दोनों ट्रकों को जब्त कर लिया और उनमें सवार चार आरोपियों को हिरासत में लिया। चारों से पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से उठाई गई थी, महाराष्ट्र में इसे किसे सप्लाई किया जाना था और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

बड़े नेटवर्क की आशंका
अधिकारियों को आशंका है कि इस तस्करी के पीछे अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय बड़ा नेटवर्क हो सकता है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जब्त गांजे की कीमत को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। इसलिए आधिकारिक पुष्टि होने तक इसकी कीमत को निश्चित आंकड़े के रूप में बताने के बजाय करोड़ों रुपये की खेप कहना अधिक उचित होगा।
मामले की जांच जारी है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना है।


