छत्तीसगढ़ (समाचार मित्र) प्रदेश के 2 जिलों में हाथियों का आतंक देखने को मिला है। हाथी ने इको वाहन को ढका देकर पलटा दिया हैं। पहला मामला सूरजपुर जिले के तमोर पिंगला अभयारण्य क्षेत्र से आया है जो इन दिनों ‘कबरा-काना’ हाथी की लगातार मौजूदगी से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। गुरुवार, 3 सितंबर की सुबह ग्राम भेलकच में हाथी ने एक इको वाहन को निशाना बनाते हुए उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। वही दूसरा मामला कोरबा जिले के कटघोरा जटगा रेंज से आया है जहाँ कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग में हाथी सड़क पर उत्पात मचाते देखा गया है। मार्ग पर चलने यात्री हाथी को देखकर दहशत में आ गए और गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई।

जानकारी के अनुसार, उक्त इको वाहन ग्राम भेलकच निवासी त्रिलोचन सिंह का बताया जा रहा है। हाथी अचानक वाहन के पास पहुंचा और सूंड की मदद से उसे उठाकर कई बार पलट दिया। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक ‘कबरा-काना’ हाथी पिछले कई दिनों से तमोर पिंगला अभयारण्य और उससे लगे क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। इससे पहले भी हाथी द्वारा आबादी वाले इलाकों में पहुंचकर घरों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
अब सड़क पर खड़े वाहन पर हमले की घटना के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी की लगातार आवाजाही के कारण सुबह और शाम के समय बाहर निकलने में भी डर बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से हाथी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने, प्रभावित गांवों में गश्त बढ़ाने और ग्रामीणों को समय-समय पर हाथी की लोकेशन की जानकारी देकर सतर्क करने की मांग की है।
फिलहाल ‘कबरा-काना’ हाथी की लगातार मौजूदगी के चलते तमोर पिंगला अभयारण्य से लगे गांवों में भय का माहौल बना हुआ है।

