कोरबा जिले में पदस्थ स्वास्थ्य विभाग के एक संविदा कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगे है, शिकायत में आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि के बाद जेल में रहने की जानकारी छिपाने का आरोप है।
जिला कलेक्टर से शिकायत कर जांच एवं संविदा पद से हटाने की मांग, सरकारी अस्पताल में नियुक्ति को लेकर उठे सवाल !
कोरबा (समाचार मित्र) स्वास्थ्य विभाग के एक संविदा कर्मचारी को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता के अनुसार संबंधित कर्मचारी आपराधिक मामलों में दोषसिद्ध हो चुका है और कई महीनों तक जेल में भी रहा, लेकिन इस अवधि तथा आपराधिक प्रकरणों से संबंधित जानकारी कथित तौर पर विभाग को नहीं दी गई। मामले को लेकर जिला कलेक्टर से शिकायत कर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
मामला करतला विकासखण्ड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, खरवानी का है !
करतला विकासखण्ड अंतर्गत स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरवानी में पदस्थ श्रीमती सुभद्रा टंडन पति अजय बंजारे जो कि PADA के पद पर पदस्थ है के खिलाफ़ अपने देवर को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा था जिसका अपराध थाना सकरी, जिला – बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में अपराध दर्ज है। उक्त मामले में संविदा कर्मचारी 2 माह जेल में भी रह चुकी है परंतु इस बात की जानकारी छिपाकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नहीं दी गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति की आपराधिक पृष्ठभूमि और जेल में रहने की जानकारी विभाग के संज्ञान में नहीं होने के कारण वह सरकारी अस्पताल में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत है और आज पर्यन्त तक कोई विभागीय कार्यवाही नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने इसे शासन के नियमों एवं नियुक्ति प्रक्रिया के नियमों के तहत नियम विरुद्ध बताए हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
दोषसिद्धि के बावजूद सरकारी अस्पताल में सेवा पर सवाल !
शिकायतकर्ता धनेश्वर प्रसाद का कहना है कि यदि किसी संविदा कर्मचारी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण में दोषसिद्धि हुई है और वह लंबे समय तक जेल में रहा है, तो उसकी नियुक्ति एवं सेवा जारी रखने से पहले संबंधित तथ्यों की जांच किया जाना आवश्यक है। सरकारी अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में कार्यरत कर्मचारी की पृष्ठभूमि को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है।
जांच के बाद कार्रवाई की मांग !
जिला कलेक्टर को दी गई शिकायत में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ़ आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि की बात कही गई है और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले किसी भी शासकीय कर्मचारी को जेल जाने पर या दोषसिद्ध पर विभागीय कार्यवाही करने का नियम है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कर संबंधित संविदा कर्मचारी को नौकरी समाप्त कर तत्काल पद से हटाने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।

