कोरबा/कटघोरा (समाचार मित्र) कटघोरा वन मंडल के चैतमा वन परिक्षेत्र अंतर्गत तेलसरा सर्किल के बरसघड़ी जंगल में बड़ी संख्या में पौधों के काटे जाने का मामला सामने आया है। मौके की तस्वीरों में कई पौधे जड़ से कटे हुए तथा उनकी हरी शाखाएं जमीन पर बिखरी दिखाई दे रही हैं। घटना की जानकारी सामने आने के बाद वन विभाग की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि जंगल में पेड़ों की कटाई पिछले कुछ दिनों के भीतर की गई है। स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि वन क्षेत्र में नियमित गश्त और निगरानी की जा रही थी, तो इतनी बड़ी संख्या में पौधों की कटाई की जानकारी विभागीय अमले को समय रहते क्यों नहीं मिल सकी।
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
मामले को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं। प्रमुख सवाल यह है कि क्या तेलसरा सर्किल में वन अमले द्वारा नियमित गश्त की जा रही थी? यदि गश्त हो रही थी तो सैकड़ों पौधों के कटने की जानकारी समय पर क्यों नहीं मिली? कटाई के बाद भी क्या मौके का निरीक्षण किया गया था?
वन संपदा की सुरक्षा पर चिंता
वन क्षेत्र पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय ग्रामीणों के जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर पौधों की कटाई की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के साथ-साथ यदि निगरानी में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
स्थल निरीक्षण और जांच की मांग
मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए वरिष्ठ वन अधिकारियों द्वारा तत्काल मौके का निरीक्षण कर कटे पौधों की संख्या, कटाई की अवधि और घटना के जिम्मेदार लोगों की पहचान किए जाने की आवश्यकता है। जांच में यदि नियमों की अनदेखी या विभागीय लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले में वन विभाग के उच्चाधिकारियों से त्वरित जांच और कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। हालांकि, कटाई किसने और किस उद्देश्य से की, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

