कोरबा (समाचार मित्र) राखड़ पाटने के कार्य के लिए भारी वाहनों के लगातार गांव में प्रवेश करने से सड़क की हालत खराब हो गई है। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मड़वारानी के पास खरहरी गांव में पाट रहे राखड़, ग्रामीण परेशान, पुरैना सरपंच ने बिना सहमति दी Noc !
कोरबा जिले के मड़वारानी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खरहरी मौजूद है जहीं से होकर भारी वाहन गुजरते हुए गांव की सड़कों को पूरी तरह बर्बाद कर चुके है। ग्राम पंचायत पुरैना के आश्रित ग्राम खरहरी में राखड़ पाटने सरपंच ने ग्रामीणों की बिना सहमति के Noc दिया है जिसका खामियाजा ग्रामीणों और बटालियन के परिवार को भुगतना पड़ रहा है। जिससे ग्रामीणों का आना जाना मुश्किल हो रहा हैं। वही 13वीं बटालियन के भारतीय सेना का 100 से ज्यादा परिवार वहां निवासरत है जिसके परिजन रोज आना जाना करते है । कीचड़ भरे सड़कों पर स्कूल के बच्चे और भारतीय सेना के जवान रोज चलने को मजबूर है।
ठेकेदार भर रहें जेब, ग्रामीण झेल रहे ख़राब सड़कों और भारी वाहनों से खतरे का दंश !
एक तरफ तो राखड पाटने के लिए ठेके में लिए लोग अपनी जेबें भरने में लगे हुए है वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों को खराब सड़क से लेकर प्रतिदिन भारी वाहनों से खतरे का डर मिला रहा है। सेना और ग्रामीणों का परिवार विशेषकर स्कूली बच्चे प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में चल रहे भारी वाहन से डर का माहौल है।

जनपद अध्यक्ष ने की शिकायत, भारी वाहन रोकने की मांग !

करतला जनपद अध्यक्ष श्रीमती अशोक विश्राम कंवर ने थाना प्रभारी उरगा को पत्र लिखकर ग्रामीण सड़क से भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। श्रीमती अशोक बाई ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत है कि भारी वाहनों से उनका अच्छा खासा सड़क बर्बाद हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि राखड़ परिवहन के लिए भारी वाहनों के लगातार आवागमन से सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। वहीं धूल और गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
ग्रामीणों की ओर से जनपद अध्यक्ष ने प्रशासन से मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने, क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

