कोरबा (समाचार मित्र) बरसात के मौसम में ग्रामीण इलाकों में सड़क और परिवहन की स्थिति कई जगह चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे समय गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, दुर्घटना के मरीजों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस सेवा बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। लेकिन पसान अस्पताल की एम्बुलेंस के नियमित संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में आपात स्थिति के दौरान मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ी जरूरत होती है। ऐसे में यदि अस्पताल परिसर में उपलब्ध एम्बुलेंस लंबे समय से खड़ी रहे और जरूरत के समय मरीजों तक नहीं पहुंच पाए, तो यह केवल एक वाहन के खड़े रहने का मामला नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बन जाता है।
संचालन और जरूरत के समय मरीजों तक पहुंचना ही असली सुविधा है। खासकर बारिश के मौसम में जब कई ग्रामीण मार्गों पर आवागमन प्रभावित होता है, तब एम्बुलेंस की उपलब्धता मरीजों और उनके परिजनों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है।
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और पसान अस्पताल की एम्बुलेंस को नियमित रूप से संचालित करने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है। ग्रामीणों की मांग है कि उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधन केवल परिसर में खड़े न रहें, बल्कि जरूरत के समय मरीजों तक पहुंचें।

