जांजगीर-चांपा (समाचार मित्र) जिले में अस्पताल में प्रसव (डिलीवरी) के बाद एक 19 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान आफरीद गांव की निवासी सरिता गांधव के रूप में हुई है। महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया था। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और नर्स पर इलाज में लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने का गंभीर आरोप लगाया है।
घटना का क्रम !
परिजनों के अनुसार, सरिता को प्रसव के लिए 24 सितंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उसकी सामान्य डिलीवरी हुई और उसने बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद करीब 24 घंटे तक सरिता की स्थिति सामान्य थी।
25 सितंबर की शाम (तबीयत बिगड़ी): 25 सितंबर की शाम करीब 4 बजे सरिता को अचानक तेज दर्द होने लगा और वह परेशान होने लगी। नर्स को जानकारी देने के बाद डॉक्टर और नर्स पहुंचे और इलाज शुरू किया।
27-28 सितंबर की रात (मौत): परिजनों के मुताबिक, 27 और 28 सितंबर की दरमियानी रात करीब 2 बजे सरिता की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप और मांग !
परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन दिए जाने के बाद सरिता की हालत बिगड़ी और उसकी जान चली गई। उन्होंने संबंधित डॉक्टर और नर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई, मामले की जांच और नवजात बच्चे की परवरिश के लिए मुआवजे की मांग की है।
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष !
सिविल सर्जन के अनुसार, भर्ती के समय से ही सरिता की हालत गंभीर थी। उसके दोनों पैरों में सूजन थी, ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था और हीमोग्लोबिन भी कम था। इलाज के दौरान ब्लड, FFP, प्लेटलेट्स और वेंटिलेटर सपोर्ट समेत जरूरी उपचार दिया गया, फिर भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला की मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।


