छत्तीसगढ़/कोरबा (समाचार मित्र) बाल संप्रेषण गृह से अपचारी बालक के फरार होने की घटना सामने आई है। अपचारी बालक ने अधीक्षक से सीने में दर्द होने की शिकायत की थी। इसके बाद आनन-फानन में उसे स्टाफ के साथ इलाज के लिए कोरबा जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर ने उसकी जांच और उपचार की प्रक्रिया शुरू की। मौके का फायदा उठाकर नाबालिक अस्पताल से फरार हो गया।
मामला कोरबा जिले का है
कोहड़िया स्थित नए बाल संप्रेक्षण गृह से इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया एक बाल अपचारी अस्पताल से फरार हो गया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर ने उसकी जांच और उपचार की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान बाल अपचारी ने कथित तौर पर स्टाफ का हाथ छुड़ाया और मौके से फरार हो गया।बताया जा रहा है कि फरार बाल अपचारी जांजगीर जिले का रहने वाला है और POCSO एक्ट के मामले में बाल संप्रेक्षण गृह में रखा गया था।घटना की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित विभाग और पुलिस में हड़कंप मच गया। अब पुलिस और बाल संप्रेक्षण गृह का स्टाफ फरार बाल अपचारी की तलाश में जुटा है। फिलहाल बड़ा सवाल यह है कि सुरक्षा व्यवस्था के बीच बाल अपचारी जिला अस्पताल से कैसे फरार हो गया? मामले में जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।


