प्रदेश (समाचार मित्र) छत्तीसगढ़ के एक जिले से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। मंगलवार दोपहर सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से भीषण विस्फोट हो गया। इस हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हृदय विदारक घटना में कम से कम 10 मजदूरों की मौत की खबर है, जबकि 30 से 40 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
धमाके से दहला इलाका: मलबे में तब्दील हुआ प्लांट का हिस्सा
जानकारी के अनुसार, सक्ती जिले में संचालित वेदांता पॉवर प्लांट में हादसा हुआ है यह हादसा मंगलवार दोपहर उस वक्त हुआ जब प्लांट में काम सामान्य रूप से चल रहा था। अचानक बॉयलर में तकनीकी खराबी के कारण जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। धमाके के साथ ही प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ धुआं और चीख-पुकार सुनाई देने लगी। आसपास के ग्रामीण धमाके की आवाज सुनकर दहशत में आ गए और मौके की तरफ दौड़ पड़े।
30 से 40 मजदूर गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में मची अफरा-तफरी
हादसे के वक्त बॉयलर के पास कई मजदूर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि 30 से 40 मजदूर आग की लपटों और गर्म मलबे की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम दर्जनों एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां कई मजदूरों की हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, कई मजदूर 70 से 80 फीसदी तक झुलस चुके हैं।
मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी: जांच के आदेश
प्रशासन और राहत-बचाव दल (SDRF) की टीमें फिलहाल मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने में जुटी हैं। प्लांट प्रबंधन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। हालांकि, अभी तक प्रशासन ने मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं की है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों का कहना है कि मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है। सक्ती जिला प्रशासन ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दे दिए हैं ताकि यह पता चल सके कि बॉयलर फटने की मुख्य वजह सुरक्षा में चूक थी या कोई तकनीकी खराबी।
प्रबंधन पर उठ रहे सवाल
इस भीषण हादसे के बाद पावर प्लांट में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों और मजदूरों के परिजनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे, जिसके चलते आज इतने परिवारों के चिराग बुझ गए। फिलहाल पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और राहत कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है।

