कोरबा/करतला (समाचार मित्र) जंगल में मोर नाचा किसने देखा ? कहावत बहुत पुरानी ग्राम पंचायत रामपुर में विकास कार्यों के नाम पर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि लगभग 6 वर्ष पूर्व निर्मित नाली को नया निर्माण कार्य बताकर उसका फर्जी जियोटैग कराया गया और शासन की राशि का आहरण कर लिया गया। मामले में करीब 1.60 लाख रुपये के कथित वित्तीय अनियमितता की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस नाली का निर्माण कई वर्ष पहले हो चुका था, उसी पुराने निर्माण कार्य को नवीन कार्य के रूप में प्रदर्शित कर ऑनलाइन जियोटैगिंग की गई। इसके आधार पर निर्माण कार्य पूर्ण होना दर्शाते हुए सरकारी राशि निकाली गई। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने तथा विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का गंभीर मामला माना जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि संबंधित नाली लंबे समय से उपयोग में है और उसके पुराने होने के पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं। इसके बावजूद उसे नया निर्माण बताकर भुगतान किए जाने से पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में पारदर्शिता प्रभावित होगी और सरकारी धन के दुरुपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच कराता है और आरोपों की सत्यता सामने आने पर क्या कार्रवाई की जाती है।
(नोट: यह समाचार स्थानीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों एवं आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की पुष्टि सक्षम जांच के बाद ही होगी।)
