कोरबा/करतला (समाचार मित्र) कोरबा जिले के सरकारी स्कूलों का हाल बुरा है। जिले के एक शासकीय विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि शनिवार के दिन विद्यालय निर्धारित समय से पहले ही बंद कर दिया गया और बच्चों की समय से पहले छुट्टी कर दी गई। मामला करतला विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला रीवाबहार का है जहां 11 बजे ही बच्चों की छुट्टी कराकर शिक्षक स्कूल बंद कर चले गए।
प्रधान पाठक हेमंत पैकरा समय से पहले स्कूल बंद कर चले गए !
विद्यालय में कुल शिक्षक पदस्थ है जहां एक शिक्षक अपने परीक्षा के कारण छुट्टी पर थे तो दूसरे शिक्षक प्रधान पाठक हेमंत पैकरा की जिम्मेदारी थीं कि निर्धारित समय तक स्कूल संचालित किया जाए परंतु उक्त शिक्षक द्वारा भागने की जल्दबाजी में शनिवार को 11 बजे ही छुट्टी कर दी और स्कूल में ताला लगाकर घर निकल गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्कूल 11 बजे से बंद है जबकि नियमों के अनुसार 11:30 बजे तक खुला रहना था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय संचालन में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। विद्यालय समय से पहले बंद होने और शिक्षकों की अनुपस्थिति से यह साफ दिखाई देता है कि शिक्षा व्यवस्था को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, शिक्षकों को मोटी रकम वेतन के रूप में प्राप्त होता है लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही के कारण विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
समय से पहले स्कूल बंद करने की शिकायत आई है : संकुल प्रभारी श्री जायसवाल
लबेद क्षेत्र के संकुल प्रभारी रामनारायण जायसवाल को समय से पहले स्कूल बंद करने की जानकारी प्रदान की गई जिसपर उन्होंने उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी देने की बात कही है।

