कोरबा/करतला (समाचार मित्र) कोरबा जिला अंतर्गत करतला विकासखण्ड के ग्राम पंचायत जोगीपाली (कनकी) क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से रेत भंडारण किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शासन द्वारा नदी से रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद क्षेत्र में रेत का अवैध संग्रहण और कारोबार जारी है। मौके पर कोई सूचना बोर्ड और भंडारण संबंधित जानकारी प्रदर्शित नहीं है जिससे साफ साफ पता चल रहा है कि भंडारण की अनुमति नहीं होने के बावजूद रेत भंडारण कर बरसात में मोटी रकम वसूलने की तैयारी की जा रही है।
जेब भर रहे खनिज अधिकारी और रेत माफिया !
जिले में रेत के नाम से चल रहे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में खनिज विभाग पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। पर्यावरण सुरक्षा के दृष्टिकोण से रेत घाटों को बंद कर दिया गया है परंतु आज भी हसदेव नदी के किनारे भैंसामुड़ा, भलमड़ा (देवलापाठ) और जोगीपाली (कनकी) के पास बड़े बड़े मशीनों से रेत की चोरी जारी है। ग्रामीणों के अनुसार रेत चोरी की घटना रात में किया जा रहा है। बड़े बड़े हाइवा वाहनों से रेत चोरी कर रेत माफिया शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का चुना लगा रहे है और यही राशि सेटिंग से चल रहे खनिज विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के जेबों में जा रही हैं ! जिससे प्रदेश में शासन प्रशासन का नाम खराब हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिना वैध अनुमति के बड़ी मात्रा में रेत का भंडारण किया गया है, जिससे शासन को राजस्व की हानि होने के साथ-साथ खनिज नियमों का भी खुला उल्लंघन हो रहा है। मामले को लेकर खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की अनदेखी अथवा संरक्षण के कारण अवैध गतिविधियां लगातार संचालित हो रही हैं।
समाचार मित्र की टीम ने जिला प्रशासन और खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार अवैध उत्खनन होने की शिकायत की परंतु अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया जिससे खनिज विभाग के उच्च अधिकारियों का संरक्षण स्पष्ट रूप से पता चलता है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो अवैध खनिज कारोबार और अधिक बढ़ सकता है।
फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

