प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा में फर्जीवाड़े की बड़ी शिकायत, फर्जी जिओ टैग से आवास पूर्ण दिखाकर कर दिया भुगतान, शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं, जिला प्रशासन पर उठे सवाल !

कोरबा (समाचार मित्र) कोरबा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना में चले रहे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को लेकर शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं होना जिला प्रशासन की राज्य सरकार की अति महत्वाकांक्षी शासकीय योजनाओं के प्रति कितनी संवेदनशील है ये दर्शाता है। सरपंच के करीबी रिश्तेदारों को योजना का लाभ दिलाने नियमों को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों के कई बार शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं होना जिला प्रशासन के रवैए पर सवाल खड़ा करता है।
जनदर्शन की शिकायत पर गंभीर नहीं अधिकारी, गांव के युवक ने कई बार किया शिकायत, जिम्मेदारों को मिल रहा संरक्षण !
ग्रामवासियों गांव ने गांव में चल रहे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत कई बार कलेक्टर जनदर्शन में की परंतु कार्यवाही नहीं होने से जिम्मेदारों के हौसले बुलंद है। हैरानी की बात है कलेक्टर जनदर्शन में 2 से ज्यादा बार हुए शिकायत पर भी जिला प्रशासन गंभीर अनियमिताओं की जांच और कार्यवाही में आवास और मनरेगा से जुड़े मामलों में कड़ाई से कार्यवाही के निर्देश के बाद जिला अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया जिससे जिम्मेदारों में हौसले बुलंद है।


अपूर्ण आवासों को दिखा दिया पूर्ण, अपने चहेतो के खाते में डाल दी मनरेगा की राशि !
मामला कोरबा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कुकरीचोली का है। जहां प्रधानमंत्री आवासों में जमकर भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। यहां कई हितग्राहियों का बिना आवास पूर्ण किए ही आवास के हितग्राहियों को पूर्ण भुगतान कर दिया गया वही मनरेगा में अपने चहेते लोगों का नाम डालकर फर्जी भुगतान भी प्राप्त कर लिया गया। जबकि हितग्राहियों को उनके परिश्रम किए हुए मेहनत की पूर्ण राशि का भुगतान नहीं किया गया जिससे उनका आवास आज भी अपूर्ण है। हालांकि ऑनलाइन रिकॉर्ड में ये पूर्ण है।
सरपंच के करीबी रिश्तेदार मुरलीधर कंवर का आवास अधूरा, लेकिन दस्तावेजों में पूर्ण !
ग्राम पंचायत कुकरीचोली में नवनिर्वाचित सरपंच के एक करीबी रिश्तेदार मुरलीधर कंवर पिता चमार सिंह का आवास अभी अपूर्ण है परंतु रिकॉर्ड में देखे तो उनका आवास पूर्ण है और मनरेगा के तहत पूर्ण भुगतान भी उन्हें प्राप्त हुआ है। रोजगार सहायक एवं आवास मित्र की मिलीभगत से अधूरे आवासों को पूर्ण दिखा दिया गया। हितग्राही मुरलीधर ने बताया कि वो अपना घर बरसात के समय से अधूरा छोड़ दिए है जल्द पूरा करेंगे। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर रोजगार सहायक एवं आवास मित्र ने अपूर्ण आवासों को भी पूर्ण दिखाकर मनरेगा में अपने चहेतो का नाम डालकर भुगतान प्राप्त कर लिया गया।
गणेश सिंह कंवर का अधूरा आवास, दस्तावेजों में पूर्ण !
हितग्राही गणेश सिंह कंवर के पिता विष्णु सिंह ने बताया कि उनका आवास अधूरा है राशि कम पड़ने के कारण वो घर को पूर्ण नहीं कर पा रहे है परंतु ऑनलाइन रिकॉर्ड में किसी अन्य घर का फोटो अपलोड कर राशि आहरित कर ली गई है। फर्जी जिओ टैग एवं फर्जी मस्टररोल के सहारे मनरेगा का पूर्ण भुगतान भी प्राप्त कर लिया गया है। हितग्राहियों ने बताया कि आवास मित्र नाम मात्र का है आवास से संबंधित सारा काम रोजगार सहायक स्वयं करते है।
प्रद्युम्न कुमार लाल रोजगार सहायक से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर बात हुई तो उन्होंने बताया कि मुरलीधर कंवर का आवास ऑनलाइन पूर्ण दिखा रहा है पर उन्हें पैसा नहीं मिला है। मुरलीधर कुल 6 कमरों का घर बना रहा है, पर वास्तव में अपूर्ण है ये बात उन्होंने स्वीकार किया।
आवास मित्र ने बताया कि आवास के काम में रोजगार सहायक सहयोग करते है, मुरलीधर कंवर का आवास पूर्ण है।
