
कोरबा/करतला (समाचार मित्र) प्रधानमंत्री की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना में जमानी स्तर पर बड़ा भ्रष्टाचार का खेल जारी है। जिला कलेक्टर ने समय सीमा की बैठक में प्रधानमंत्री आवास निर्माण में भ्रष्टाचार होने पर FIR कराने के निर्देश दिए है। इसी बीच करतला जनपद अंतर्गत आवास के नाम पर चल रहे बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जिला पंचायत सीईओ के आदेश पर आए जांच अधिकारियों ने भौतिक सत्यापन हेतु आवासों की जांच की जिसमें कई खामियां मिली है। शासन के नियमों को ताक पर रखकर आवास मित्र आधा अधूरे आवासों को पूर्ण दिखा रहे है। ताज़ा मामला ग्राम पंचायत फरसवानी से सामने आया है। जहां ग्राम पंचायत फरसवानी के आश्रित ग्राम फूलझर में हितग्राहियों के अपूर्ण आवासों को दस्तावेजों में पूर्ण दिखाया जा रहा है। 2 दिन पूर्व ही “समाचार मित्र” ने अपने ख़बर के माध्यम से ग्राम पंचायत फरसवानी में आवास हितग्राहियों से आवास मित्र द्वारा उगाही करने का खबर प्रकाशन किया था जिस पर जिला प्रशासन द्वारा जांच कराए जाने पर भौतिक सत्यापन में चौंकाने वाले रिपोर्ट सामने आ रहे है।

हितग्राही मुरीत पटेल एवं सुरीत पटेल के आवास दस्तावेजों में पूर्ण !
ग्राम पंचायत फरसवानी के आश्रित ग्राम फूलझर में दोनों भाई मुरीत पटेल एवं सुरीत पटेल दोनों के आवास शासन स्तर से स्वीकृत किया गया है। दोनों भाइयों ने तीनों किस्त निकाल लिया है पर आज पर्यन्त तक आवास अपूर्ण है। वही ग्राम संजयनगर निवासी राजू बियार का आवास भी अपूर्ण होते हुए भी पूर्ण राशि आहरित कर ली गई हैं।
फर्जी जिओ टैग कर निकाला राशि !
शासन को गुमराह करने आवास मित्र फर्जी जिओ टैग करने से भी नहीं चूक रहे है। आवासों को पूर्ण दिखाने के लिए आवास मित्र फर्जी जिओ टैग करने का सहारा ले रहे है। जिले में आवास हितग्राहियों से राशि लेकर आवासों को पूर्ण दिखा रहे है।
हितग्राही प्रमिला बियार से वसूल लिए 10 हज़ार ।

ग्राम पंचायत फरसवानी के आश्रित ग्राम संजयनगर में निवासरत श्रीमती प्रमिला बियार ने जांच अधिकारियों को अपने बयान में बताया कि आवास मित्र योगेश सोनी (लल्ला) ने आवास फोटो खींचने एवं पास करने के लिए 10000 रुपए ले लिए। हितग्राही ने अपने बयान में इस में बताया कि राशि नहीं देने पर जिओ टैग करने से इनकार कर दिया जाता था।
क्या होगा कोई ठोस कार्यवाही या जांच के नाम पर होगा खानापूर्ति !
करतला जनपद के ग्राम पंचायत फरसवानी में जमकर हो रहे भ्रष्टाचार के शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ के आदेशानुसार जांच किया गया है जिसमें कई हितग्राहियों के फर्जी टैग से राशि आहरण एवं कई हितग्राहियों से उगाही के साक्ष्य मिले है अब देखना होगा कि जिला प्रशासन कि ओर से क्या कार्यवाही होता है। जिले से आए टीम ने बताया कि जिला पंचायत सीईओ को जांच प्रतिवेदन सौंप दिया जाएगा। वही देखना होगा कि प्रधानमंत्री आवास में हुए भ्रष्टाचार पर कलेक्टर के सख्त निर्देश के तहत FIR दर्ज होगा या नहीं ?
















































