बिहार चुनाव : महागठबंधन का सुपड़ा साफ़, तेज़ प्रताप, खेसारी लाल सहित कई नेता हारे, मैथिली ठाकुर बनी देश की सबसे युवा विधायक, जानें बिहार चुनाव रिजल्ट !

बिहार (समाचार मित्र) बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने एग्जिट पोल कराने वाली कंपनियों और राजनीतिक विश्लेषकों को भी हैरत में डाल दिया है। ज्यादातर एग्जिट पोल में बीजेपी को बढ़त का अनुमान जताया था, लेकिन इतनी प्रचंड जीत का अनुमान लगाने में चूके थे। एक्सिस माई सर्वे समेत कई और एजेंसियों ने कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया गया था। हालांकि, नतीजे इससे बिल्कुल उलट रहे हैं। महागठबंधन की करारी शिकस्त हुई है और यह पूरी तरह से एकतरफा जीत लग रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने प्रचंड बहुमत से जीत हासिल की है, 202 सीटों पर कब्ज़ा जमाया। भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि जेडीयू को 85 सीटें मिलीं। नीतीश कुमार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे। चुनाव आयोग ने सभी 243 सीटों के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस बार 11 मुस्लिम उम्मीदवार विधायक बने हैं, जिनमें AIMIM के 5 शामिल हैं। कुछ प्रत्याशियों ने बेहद कम अंतर से जीत दर्ज की है, जैसे संदेश सीट पर जेडीयू उम्मीदवार 27 वोटों से जीते। भाजपा ने इस जीत को जनता का समर्थन बताया है।

महागठबंधन में शामिल आरजेडी ने 25, कांग्रेस ने 6 और लेफ्ट पार्टियों ने तीन सीटों पर जीत हासिल की है. यानी एनडीए ने 202 और महागठबंधन ने 34 सीटें जीत ली हैं.
अब तक की मतगणना में आरजेडी का वोट शेयर सबसे ज्यादा रहा है. हालांकि बीजेपी और जेडीयू ने इस बार कम सीट पर चुनाव लड़ने के बावजूद अपने वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी दर्ज की है, जो बेहतर बूथ प्रबंधन और मतदाताओं में सत्ता-विरोधी लहर के सीमित असर का संकेत देता है.
कांग्रेस का वोट प्रतिशत घटा, राहुल गांधी की कांग्रेस फ़िर हारी !
राहुल गांधी के नेतृत्व वाली इंडिया गठबंधन के अन्य दलों में कांग्रेस का वोट प्रतिशत 2020 के 9.48 प्रतिशत से घटकर 8.72 प्रतिशत रह गया. कांग्रेस पिछली बार 70 सीट पर लड़ी थी, जबकि इस बार उसने 61 सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. भाकपा (माले) लिबरेशन का वोट प्रतिशत भी 3.16 प्रतिशत से घटकर 2.84 प्रतिशत हो गया. वहीं असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम, जिसने इस बार स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा, को कुल वोट का लगभग दो प्रतिशत मिला. 2020 में उसका वोट शेयर 1.24 प्रतिशत था. एक बार फिर राहुल गांधी को करारी हार का सामना करना पड़ा है।
तेज कुमार यादव हारे, बड़े नेता के रूप में नहीं उभर सके तेज कुमार !
तेज प्रताप यादव 51938 वोटों से महुआ सीट हार गए हैं. उन्हें 35703 वोट मिले. चिराग पासवान की पार्टी के उम्मीदवार संजय कुमार सिंह को कुल 87641 वोट मिले और 44997 वोटों से जीत हासिल की.
मशहूर गायिका मैथिली ठाकुर बनी सबसे कम उम्र की विधायक !
मशहूर गायिका और बीजेपी की प्रत्याशी मैथिली ठाकुर ने सबसे कम उम्र 25 वर्ष में ही अलीनगर में जीत दर्ज कर ली है. अलीनगर में 25 राउंड वोटों की गिनती होनी थी जो कि पूरी हो गई है.

राम मंदिर पर विवादित टिप्पणी करने वाले खेसारी लाल यादव हारे !
छपरा विधानसभा सीट पर आरजेडी उम्मीदवार और भोजपुरी सुपरस्टार शत्रुघन यादव उर्फ खेसारी लाल यादव 28 में से 13 राउंड की गिनती पूरी होने के बाद बीजेपी की छोटी कुमारी से 7,739 वोटों से पीछे चल रहे थे। शुरुआती रुझानों में खेसारी आगे थे, लेकिन जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, बीजेपी उम्मीदवार ने भारी बढ़त बना ली। बाद में खेसारी लाल यादव चुनाव हार गए। लोगों का मानना है कि राम मंदिर से जुड़े विवादित बयान के बाद जनता का उनपर भरोसा कम हुआ।
बड़ी मुश्किल से जीते तेजस्वी यादव !
वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा सीट (Raghopur Vidhan Sabha) से राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने जीत हासिल किया है। बीजेपी उम्मीदवार सतीश यादव को हराकर (Raghopur Se Kaun Jita) उन्होंने यह जीत हासिल की है। गौरतलब है कि मतगणना के शुरुआत से ही इस सीट पर कड़ी टक्कर देखने को मिल रही थी। कई बार तो ऐसा लग रहा था कि राजद को यहां भी हार का सामना करना पड़ सकता है।
Nitish Kumar ने अपनी प्रतिक्रिया के साथ दिए संकेत।
प्रदेश में एनडीए को बंपर जीत मिली है, लेकिन प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी बनी है। विपक्षी नेता फिर दावा कर रहे हैं कि अब बीजेपी नीतीश कुमार को सीएम नहीं बनाएगी। हालांकि, नीतीश ने अपनी एक प्रतिक्रिया के जरिए ऐसे सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए एनडीए के सभी साझेदारों की जीत बताया है। इसके साथ ही उन्होंने यह संदेश दे दिया है कि यह सिर्फ बीजेपी के अकेले की जीत नहीं है, बल्कि साझा सहयोग की वजह से यह जीत मिली है।
चिराग पासवान बने बड़े सहयोगी !
19 सीटों पर लोजपा (आर) ने दिखाया कमाल NDA ने चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) को 29 सीटों पर उतारा था, जबकि बीजेपी और जेडीयू ने 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ा। शुरुआती बैटिंग लाइनअप ने बीजेपी-जेडीयू ने अपनी हिस्सेदारी निभाई, और जीत पर मुहर लगाने का काम चिराग की पार्टी ने किया, वह भी स्टाइल में।






