देश-विदेश (समाचार मित्र) नेपाल और तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या गुरुवार को बढ़कर 469 हो गई. वहीं, बचावकर्मी 290 भारतीय नागरिकों समेत लापता सैकड़ों लोगों का पता लगाने के लिए युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं.
नेपाल पुलिस के एक बयान में कहा गया कि प्रभावित इलाकों से अब तक 50 विदेशियों समेत 796 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए बचाया गया है, जबकि अन्य 796 लोगों को सड़क मार्ग से सुरक्षित निकाला गया है. हालांकि, बयान में विदेशी नागरिकों की राष्ट्रीयता का जिक्र नहीं किया गया. बयान में बताया गया कि नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है.

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमनद के टूटने से चट्टानें खिसक गई और हिमस्खलन हुआ, जिसके कारण बुधवार को पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव मध्य नेपाल की ओर आया. इससे कई कस्बे और गांव तबाह हो गए, मकान, वाहन, सड़कें एवं पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा.
निचले इलाकों में फिर बाढ़ आने का खतरा
भोटेकोशी नदी प्रणाली के उद्गम के पास एक नयी अवरोध झील बनने के बाद निचले इलाकों में फिर बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है. प्राधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह प्राकृतिक अवरोधक टूटता है तो नदी और उसके निचले इलाकों में पानी का तेज बहाव एक और बार आ सकता है. नेपाल के प्राधिकारियों ने 910 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है. बचावकर्मी कीचड़ और मलबे से भरे नदी क्षेत्रों में उनकी तलाश कर रहे हैं और अपने परिजनों का पता लगाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में पहुंच रहे हैं.
तिब्बत में भी 558 लोग लापता
अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत में भी 558 लोग लापता हैं. इस तरह सीमा के दोनों ओर लापता लोगों की कुल संख्या 1,468 है. इस आपदा के बाद भारत ने भी अपने नागरिकों का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा कि 290 भारतीय नागरिकों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है. मंत्रालय ने कहा कि उनका पता लगाने और उन्हें बचाने के लिए तत्काल प्रयास किए जा रहे हैं.
84 भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू
विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 84 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है. इनमें निर्माणाधीन त्रिशूली-एक नदी प्रवाह आधारित जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 63 श्रमिक और तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं. मंत्रालय के अनुसार, तिब्बत की ओर मौजूद करीब 200 भारतीय नागरिकों ने वहां से सुरक्षित निकाले जाने के लिए सहायता मांगी है.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ डिजिटल माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में मौजूद भारतीयों की स्थिति और उनकी कुशलक्षेम का पता लगाने के लिए तत्काल प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मंत्रालय नेपाल के अधिकारियों, अन्य मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और संबंधित प्राधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है.

