छत्तीसगढ़ (समाचार मित्र) रक्षाबंधन सिर्फ भाई की कलाई पर राखी बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्यार, विश्वास और साथ का खूबसूरत प्रतीक है। इस दिन बहनें भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, जबकि भाई भी बहन की रक्षा और हर मुश्किल में साथ देने का वादा करता है। हालांकि, राखी बांधते समय कुछ पारंपरिक बातों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है।
राखी की थाली ऐसे करें तैयार
राखी बांधने से पहले पूजा की थाली को अच्छी तरह सजा लें। इसमें राखी, रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, मिठाई और कुछ फूल रखे जा सकते हैं। कई परिवारों में थाली में नारियल और कलावा रखना भी शुभ माना जाता है। ध्यान रखें कि पूजा की सामग्री साफ-सुथरी हो।
पहले तिलक, फिर बांधें राखी
राखी बांधने की रस्म में सबसे पहले भाई को आसन पर बैठाएं। इसके बाद उसके माथे पर रोली या कुमकुम से तिलक लगाएं और अक्षत लगाएं। फिर भाई की आरती उतारकर उसकी दाहिनी कलाई पर राखी बांधें। राखी बांधते समय भाई के सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना की जाती है।
राखी बांधते समय दिशा का भी ध्यान
दादी-नानी की मान्यताओं में राखी बांधते समय भाई का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। हालांकि, यह धार्मिक और पारिवारिक मान्यता है। अगर जगह या परिस्थिति के कारण ऐसा संभव न हो तो इसे लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है।
टूटी या खराब राखी न बांधें
राखी बांधने से पहले उसे अच्छी तरह देख लें। अगर राखी टूटी हुई है, उसका धागा खुला हुआ है या उसमें कोई हिस्सा खराब है, तो दूसरी राखी इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। इसी तरह पूजा की थाली में टूटे हुए अक्षत रखने से भी बचने की परंपरा है।
राखी के बाद मिठाई और उपहार
राखी बांधने के बाद भाई को मिठाई खिलाएं। इसके बाद भाई अपनी बहन को उपहार देकर उसके सुख और खुशियों की कामना कर सकता है। उपहार की कीमत से ज्यादा उसकी भावना मायने रखती है। यही रक्षाबंधन के रिश्ते की असली खूबसूरती है।
शुभ मुहूर्त का रखें ध्यान
कई परिवारों में राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का ध्यान रखा जाता है। अगर आप धार्मिक परंपराओं का पालन करते हैं तो अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर रहेगा, क्योंकि शहर के अनुसार मुहूर्त में कुछ अंतर हो सकता है। रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त
28 अगस्त को सुबह 09.48 तक ही सावन पूर्णिमा तिथि रहेगी. इसके बाद प्रतिपदा लग जाएगी. इसलिए 28 अगस्त को सुबह 05.57 बजे से लेकर सुबह 09.48 बजे तक का समय रक्षाबंधन के लिए सर्वोत्तम माना जा रहा है. इसके बाद दोपहर 11.56 बजे से दोपहर 12.48 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा. इसमें भी आप भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं.
राहुकाल में न बांधें राखी
ज्योतिषविदों के अनुसार, रक्षाबंधन पर राहुकाल भी रहने वाला है. राहुकाल को छोड़कर पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है. 28 अगस्त को राहुकाल का समय सुबह 10 बजकर 46 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक रहेगा.
सबसे जरूरी है रिश्ते की मिठास
रक्षाबंधन पर सबसे जरूरी बात किसी खास रस्म से ज्यादा भाई-बहन का प्यार और सम्मान है। परंपराएं परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए छोटी-छोटी मान्यताओं को लेकर तनाव लेने के बजाय इस दिन को हंसी-खुशी और साथ के खूबसूरत पलों के साथ मनाना ही त्योहार की असली भावना है।

