नई दिल्ली (समाचार मित्र) सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा आरोपियों की तस्वीर, वीडियो और पहचान उजागर करने के चलन पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ‘X’ व ‘Meta’ (फेसबुक/इंस्टाग्राम) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस एजेंसियां अक्सर सोशल मीडिया हैंडल पर आरोपियों को हथकड़ी में, घसीटते हुए या अपमानजनक स्थिति में दिखाते हुए वीडियो और तस्वीरें पोस्ट करती हैं, जिससे उनके मानवीय अधिकारों और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का हनन होता है। कोर्ट से मांग की गई है कि ऐसी तस्वीरों/वीडियो को तुरंत हटाने का निर्देश दिया जाए और सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए सख्त गाइडलाइंस बनाई जाएं।

