कोरबा (समाचार मित्र) कहावत है जहां चाह है वही राह है। अपनी कड़ी मेहनत से मनुष्य किसी भी विपरीत परिस्थिति में भी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है। ऐसे ही कहावत को चरितार्थ करके बताया है ग्रामीण क्षेत्र फ़रसवानी से एक छात्र ने जिन्होंने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक गांव में नहीं हुआ। ग्राम फरसवानी तो छोड़िए आस पास के कई गांव में भी इस होनहार छात्र के लोग अब उदाहरण देते नहीं थक रहे है। हम बात कर रहे है ग्राम फरसवानी निवासी डॉक्टर भावेश राठौर की जिन्होंने अपने कड़ी मेहनत से अपने माता पिता अपने गांव सहित अपने समाज का नाम रौशन किया है। एक तरफ जहां देश में MBBS पढ़ाई में करोड़ों रुपए खर्च हो जाते है वहीं दूसरी ओर अपनी मेहनत के बदौलत इस होनहार छात्र ने बहुत ही कम खर्च में ये उपाधि हासिल कर माध्यम वर्गीय एवं गरीब वर्गीय परिवारों की आस बढ़ा दी है की वो लोग भी बड़ा और अच्छा पढ़ाई कम खर्च में कर सकते है। भावेश राठौर एक माध्यम वर्गीय परिवार से आते है। आपको बता दे कि हालही में भावेश राठौर अपने ग्रामीण क्षेत्र से प्रथम MBBS डॉक्टर के रूप में उपाधि प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बन गए है। उन्होंने अपनी शिक्षा दीक्षा प्राप्त कर आज महाविद्यालय से विधिवत् डॉक्टर बनने का प्रमाण पत्र हासिल कर लिया है।
माता-पिता बेहद खुश तो गांव और परिवार में जश्न का माहौल ।
भावेश राठौर को डॉक्टर की उपाधि मिलने पर उनके पिता जयराम राठौर एवं माता कृष्णा देवी राठौर ने उन्हें बधाई देते हुए शुभकामनाएं दी है। वही गांव एवं परिवार में प्रथम MBBS डॉक्टर बनने वाले व्यक्ति के रूप में डिग्री मिलने पर जश्न का माहौल है। सब लोग भावेश राठौर जैसे होनहार छात्र की तारीफ़ कर रहे है। भावेश ने बताया कि उनकी इस सफलता के पीछे उनके पिता जयराम राठौर और माता श्रीमती कृष्णा राठौर भाई प्रशांत राठौर सहित परिवार के अन्य लोगों का अहम योगदान है।
डॉक्टर भावेश राठौर का जीवन परिचय।
आपको बता दे कि भावेश बचपन से पढ़ाई में तेज़ थे। भावेश ने अपनी पहली कक्षा से 5 वीं तक पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर फरसवानी से की। उसके बाद पढ़ाई में होनहार छात्र होने की वजह से उनका चयन छुरी स्थित नवोदय विद्यालय में हो गया जहां से भावेश ने 6 वीं से लेकर 12 वीं तक की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की। भावेश ने अपनी पूरी क्षमता पढ़ाई में झोंक दी जिसकी वजह से प्रथम प्रयास में ही नीट परीक्षा सत्र 2019 उत्तीर्ण कर उनका चयन शासकीय महाविद्यालय में डॉक्टर की पढ़ाई करने के लिए हो गया था। भावेश का चयन पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में 5 वर्ष की MBBS पढ़ाई पूर्ण की और आज दीक्षांत समारोह में उन्हें अपने माता पिता के सामने डॉक्टर की उपाधि प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उपाधि मिलते ही उन्हें स्वजनों के बधाई सन्देश आने लगे है। परिवारजनों के अलावा ग्रामीणों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी है।















































































































































