कोरबा (समाचार मित्र) महतारी वंदन योजना में KYC के नाम पर महिला हितग्राहियों से पैसे ऐंठने के कई मामले सामने आने लगे है। सरकार कहती है e-KYC पूरी तरह मुफ्त है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। कोरबा जिले के ग्राम पंचायत गाडापाली के आश्रित ग्राम ठरकपुर से सामने आई तस्वीर ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए है।
“यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का पति नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए हर महिला से 50-50 रुपए e-KYC के नाम पर वसूल रहा है। जबकि शासन की साफ गाइडलाइन है—e-KYC के लिए एक भी पैसा नहीं लिया जाएगा।
जहां पंचायत स्तर पर बैठकर मुफ्त में केवाईसी करने के निर्देश हैं, वहीं कई संचालक अपने निजी सेंटर में बैठकर महिलाओं से पैसे ऐंठ रहे है।
गरीब और जरूरतमंद महिलाएं मजबूरी में पैसे देने को मजबूर हैं।
“सरकार की सख्त हिदायतों के बावजूद अगर इस तरह खुलेआम वसूली हो रही है, तो सवाल उठता है—
क्या जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं?
या फिर इस अवैध वसूली को कहीं न कहीं संरक्षण मिल रहा है?”
“यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि गरीब महिलाओं के अधिकारों पर सीधा हमला है।
अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे ही बिचौलिए योजनाओं को बदनाम करते रहेंगे।”
“अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है, कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

