
कोरबा (समाचार मित्र) कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत पीड़िता के परिजनों को आरोपी पक्ष के परिजनों द्वारा प्रताड़ित करने का गंभीर मामला सामने आया है। मामला तिलकेजा के आश्रित ग्राम खैरभांठा का है जहां निवासरत नाबालिक दुष्कर्म पीड़िता के परिवार पर दोषसिद्द आरोपी पक्ष के परिजनों द्वारा प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। लगभग 2 वर्ष पूर्व हुए नाबालिक से दुष्कर्म के पीड़ित परिवार पर आरोपी पक्ष के परिजनों द्वारा झूठा आरोप तथा गाय को मारकर लहूलुहान करने का झूठा आरोप लगाकर उसे गिरफ्तार जाने का आरोप है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि दुष्कर्म के आरोपी पक्ष के लोगों द्वारा जानबूझकर उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से प्रताड़ित किया जा रहा है। 14 जनवरी को जब पीड़िता की मां किसी काम से बाहर गई हुई थी तब उसके घर में घुसकर दुष्कर्म के आरोपी पक्ष के द्वारा कुछ बाहरी लोगों को बुलाकर उसके घर का ताला तोड़कर घुस गए और पूरे समान को फेंक दिए। वहीं 14 जनवरी की शाम उसके घर के पास हंगामा कर थे। यही नहीं पीड़िता की मां का आरोप है कि भीड़ का सहारा लेकर और घर को सुना पाकर उसके घर में रखे कुछ कीमती सामग्रियों को चोरी कर ले गए। मामले की जानकारी पीड़िता ने 112 और उरगा थाने में दी। थाने में सुबह 10 बजे आने के लिए बोला गया परंतु पीड़िता और उसके भाई को उरगा पुलिस ने बिना उनका पक्ष जाने तड़के सुबह 7 बजे ही गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता की मां और उसके भाई कर कथाकथित आरोप था की उसने आरोपी पक्ष परिजनों के गाय को मारकर उसे घायल किया है इसी बात को लेकर अपराध दर्ज कर लिया गया। जबकि न्यायालय से जमानत उपरांत छुटकर आने के बाद पीड़िता की मां ने उरगा थाने में अपने घर में हुए तोड़फोड़ का सबूत और चोरी के संबंध में अपराध दर्ज कराना चाहा तो उसकी एक नहीं सुनी गई और बाद में आना जांच करेंगे कहकर उसे भेज दिए गया। जिसके बाद भी पीड़िता की मां और उसका परिवार थाने का चक्कर लगाते रहे परंतु अपराध दर्ज़ नहीं हुई। कोरबा जिले की संवेदनशील पुलिस महिलाओं से हो रहे अत्याचार पर कितनी गंभीर है ये इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है। पीड़िता की मां ने बताया है कि दुष्कर्म के आरोपी पक्ष द्वारा उसकी पुत्री के साथ अनाचार करने पर न्यायालय से 25 वर्ष की सजा हुई है जिसका बदला लेने लिए उन्हें परेशान किया जा रहा है। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि पुलिस ने बिना सच्चाई जाने उसपर अपराध दर्ज कर लिया परन्तु जब पीड़िता की मां थाने गई तो उसकी शिकायत दर्ज नहीं हुई।















































