
कोरबा/करतला (समाचार मित्र) जिले में संचालित छात्रावास भगवान भरोसे चल रहे है। छात्रावास अधीक्षकों को हॉस्टल में रहने के आदेश होने के बावजूद ज्यादातर अधीक्षक हॉस्टलों में रुकते नहीं है। मामला प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास फत्तेगंज का है जहां शाम 5 बजे छात्रावास में ताला लगा हुआ था। उक्त समय में न कोई छात्र छात्रावास में मौजूद था और न ही कोई चौकीदार। हॉस्टल अधीक्षक तो पहले से ही हॉस्टलों में निवासरत नहीं रहते अब चौकीदार भी शाम के समय छात्रावास को भगवान भरोसे छोड़ चले जा रहे हैं जिससे छोटे छोटे छात्रों एवं छात्रावास की सुरक्षा पर सवालिया निशाल खड़ा हो रहा है।
फरसवानी छात्रावास का भी हुआ यही हाल, अधीक्षक नदारत।
प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास फरसवानी में भी अधीक्षक मुख्यालय में नहीं रहने से छात्रों की संख्या के साथ साथ पढ़ाई भी प्रभावित हो रहा है। 50 सीटर इस छात्रावास में महज 8 से 9 ही छात्र प्रतिदिन रहते है जबकि 16 छात्र दर्ज है। ज्यादातर छात्रावासों में अधीक्षक मुख्यालय ने नहीं रहते है जिसस छात्रावासों में अव्यवस्था का आलम है।
बंद छात्रावास का कारण जानने एवं उनका पक्ष जानने के लिए जब हॉस्टल अधीक्षक फत्तेगंज को फोन किया गया तब उन्होंने फोन नही उठाया।
