KORBA : पहले ही दिन धान खरीदी केंद्रों में लटका रहा ताला, भटक रहे किसान, किसानों के लिए बनता जा रहा सिरदर्द, समिति कर्मचारी हड़ताल पर अड़े !

कोरबा (समाचार मित्र) जिले मे धान खरीदी के शुरू दिन ही लगभग सभी खरीदी केंद्रों मे सन्नाटा छाया रहा, छत्तीसगढ़ मे धान खरीदी शासन की सबसे महत्वपूर्ण योजना हैं छत्तीसगढ़ को धान सबसे ज्यादा बोये जाने वाले फसल के कारण धान का कटोरा कहते हैं !
प्रदेश के सभी सहकारी समिति के कर्मचारी, प्रबंधक, कंप्यूटर आपरेटर, अपनी 4 सूत्रीय मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, धान खरीदी शुरू होने के पूर्व, 14 नवंबर को हुए छत्तीसगढ़ शासन कैबिनेट बैठक मे हड़ताल मे गए कर्मचारियों के मांगो के बारे मे निर्णय लिए जाने का अनुमान था, लेकिन कुछ भी कैबिनेट मे हड़ताल संबंधी चर्चा नही किया गया, इधर सहकारी समिति के कर्मचारीयों के हड़ताल मे जाने से अधिकतर खरीदी केंद्रो मे किसी भी प्रकार से तैयारी नही हो पाईं हैं।

सहकारी समिति प्रदेश संघ के आव्हान पर अपनी 4 सूत्रीय मांगो को लेकर 24 अक्टुबर को जिला कलेक्टर को तथा 28 अक्टुबर को संभाग मे ज्ञापन देकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन पश्चात मांग पूरी नहीं होने पर 3 नवंबर से पूरा प्रदेश अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले गए हैं।

नियमित समिति प्रबंधक वाले खरीदी केंद्र उतरदा, कोरबा, हरदीबाजार, अखरापाली, फरसवानी, उमरेली, करतला, सहित सभी केंद्रों में भी धान खरीदी के शुरू दिन ताला लटका रहा। जो प्रशासन के धान खरीदी को लेकर तैयारियों की पोल खोल दी है। कोरबा जिले में कुछ केंद्रों में बैंक कैडर नियमित समिति प्रबंधक पदस्त है जहां धान खरीदी तैयारी पूर्ण हो जानी थी, धान खरीदी और टोकन जारी होना था, किन्तु धान खरीदी केंद्र उतरदा में फड़ साफ सफाई, फेंसिंग, लाइट, डेनेज, भूसी किसी प्रकार की तैयारी तो बहुत दूर, कार्यालय में धान खरीदी के शुरू दिन ही दिन भर ताला लटका रहा। किसान पंजीयन व टोकन संबंधित कार्य के लिए इधर उधर दिन भर भटकते रहे।






