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भूविस्थापितों ने कुसमुंडा महाप्रबंधक का पुतला दहन किया, कोल सचिव ने नाम जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन ।

संवाददाता मदन दास, कटघोरा

कोरबा (समाचार मित्र) एस ई सी एल कुसमुंडा क्षेत्र के भूविस्थापितों ने रोजगार, मुआवजा, पुनर्वास समस्याओं के संबंध में कोल सचिव के नाम जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा । एसईसीएल कुसमुडा क्षेत्र के प्रभावित एवं भूविस्थापित जिस समस्याओं से पीड़ित है, उन समस्याओं से गेवरा , दीपका कोरबा क्षेत्र के भुविस्थापित भी पीड़ित हैं । भूमि अधिग्रहण के बाद ग्रामीण शासन प्रशासन के बनाए नियमों के तहत लाभ चाहते हैं , परंतु प्रबंधन के द्वारा लाभ देने के बजाय केवल उत्खनन पर जोर दिया जाता है। प्रबंधन समस्याओं के निराकरण हेतु गंभीर नहीं हैं, जिसके कारण बार-बार खदान में ग्रामीणों के द्वारा उत्पादन बाधित किया जा रहा है एवं धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है । समस्या का निदान नही होने की स्थिति में हड़ताल हो रही है ।आज के धरना प्रदर्शन एवं पुतला दहन कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ो महिला पुरुष सम्मिलित हुए । सभी भूविस्थापितों की एक ही समस्याएं सामने आई कि लोगों को रोजगार , मुआवजा एवं पुनर्वास प्राप्त नहीं हो रहा है । यह समस्या कई दशकों से बनी हुई है । प्रबंधन के गंभीर नहीं होने के कारण इस तरह की स्थिति बार-बार निर्मित हो रही है । पुतला दहन के दौरान ग्रामीणों एवं पुलिस के बीच झड़प भी हुई । ग्रामीण लंबे समय तक कार्य नहीं होने से आक्रोषित हैं । उनकी भावनाओं को प्रबंधन के द्वारा अनदेखा किया जा रहा है । जिसके कारण स्थिति उग्र बनती जा रही हैं। कुसमुंडा परियोजना के ग्राम जटराज में बलपूर्वक परिसंपत्तियों का मापन जारी एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना के ग्राम जटराज में परिसंपत्तियों का मापन प्रशासन एवं प्रबंधन के द्वारा बलपूर्वक किया जा रहा है । ग्रामीण चाहते हैं कि , हमारे गांव के पुनर्वास स्थल को विकसित किया जाए तत्पश्चात मापन किया जाए । ग्राम जटराज को ओबी डंप को समतल कर बसाहट दिया जा रहा है । सुरक्षागत कारणों से यह जरूरी है कि , बरसात में मिट्टी के जमने के बाद बसाहट में मूलभूत सुविधा के लिए निर्माण कार्य किया जाय एवं प्लाट आबंटित किया जाए।

जिलाधीश के निर्देश का पालन नहीं किया जा रहा।

ग्रामीण लंबे समय से खदान किनारे व्याप्त समस्या प्रदूषण ब्लास्टिंग पेयजल की समस्या से अत्यंत पीठ हैं जिसके कारण बसाहट शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग प्रबंधन से करते आ रहे हैं प्रबंधन के द्वारा बसाहट प्रदान करने के लिए केवल औपचारिक घोषणा कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है जिसकी जानकारी जिला जी महोदय को होने पर तत्कालीन जिला अध्यक्ष महोदय ने 2018 में कमांडर बिलासपुर को पत्र प्रसिद्ध कर निर्देश दिया था कि जिन ग्रामों की भूमि अर्जित की गई है पुनर्वास प्रदान करने के बाद ही उसे ग्राम में उत्खनन का कार्य प्रारंभ किया जाए इस निर्देश का प्रबंधन के द्वारा एवं वर्तमान प्रशासन के द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है ।

ग्रामीणों का महाप्रबंधक से मुलाकात हुआ मुश्किल ।

कुसमुंडा क्षेत्र की अर्जित ग्रामों के ग्रामीण विभिन्न समस्याओं के संबंध में महाप्रबंधक से मिलकर निराकरण हेतु प्रयास करने के लिए उत्साहित रहते हैं , परंतु महाप्रबंधक श्री पाटिल के गैर वाजिब निर्णय से नाराज हैं । महाप्रबंधक के द्वारा सोमवार से शुक्रवार तक शाम 4:00 से 8:00 बजे का समय मिलने के लिए प्रदान किया गया है । इस समय पर महाप्रबंधक ज्यादातर उपस्थित नहीं रहते हैं । बाकी समय ग्रामीणों से नहीं मिलते हैं । जिसके कारण भुविस्थापित ग्रामीण महाप्रबंधक से मिल नहीं पाते है एवं समस्या का निराकरण नहीं हो पाता है । महाप्रबंधक के ऐसे निर्णय से लगता है कि महाप्रबंधक ग्रामीणों से मिलना पसंद नहीं करते हैं क्योंकि भूमि उपलब्ध कराने का ठेका प्रशासन ने ले लिया है । जमीन मिल जाने पर ग्रामीणों की आवश्यकता महसूस नहीं की जा रही है ।

ग्रामीणों के सभी रास्ते प्रबंधन में बंद कर दिए हैं।

ग्रामीण अर्जित भूमि के एवज मे रोजगार , मुआवजा , बसाहट एवं अन्य समस्याओं के संबंध में पत्राचार कर निराकरण चाहते हैं । पत्राचार के उपरांत कार्यवाही नहीं होने पर शासन एवं प्रशासन को पत्राचार किया जाता है । इसके बाद भी समस्या का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन के लिए विवश होना पड़ता है । आंदोलन करने पर प्रबंधन के द्वारा भूविस्थापितों को जेल दाखिल कराया जाता है । जिससे लगता है प्रबंधन जायज मांगों को प्रदान करने की मंशा नहीं रखता है । प्रत्येक अवसरों में ग्रामीणों को न्यायालय जाने की सलाह दी जाती हैं । गौर करने वाली बात यह है कि प्रबंधन यह जानता है कि सभी ग्रामीण कोर्ट जाने में सक्षम नहीं है , लेकिन जिन ग्रामीणों ने कोर्ट का सहारा लिया है अधिकांश प्रकरणों में प्रबंधन के खिलाफ फैसला आए हैं । ग्रामीणों को परेशान करने की नीयत से कोर्ट जाने की सलाह दी जाती है ।

Nimesh Kumar Rathore

Chief Editor, Mob. 7587031310
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