कोरबा (समाचार मित्र) कोरबा जिले में प्रशासनिक व्यवस्था इतनी लचर और भ्रष्ट हो चुकी है की रेत का अवैध उत्खनन रुकने का नाम ही नही ले रहा है। जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण गौण खनिज का दोहन किया जा रहा है। रेत के माफिया अवैध उत्खनन का कार्य जिला प्रशासन के आला अधिकारी एवं खनिज विभाग के संरक्षण से ही चल रहा है। रेत का अवैध कारोबार जिले में जमकर फल फूल रहा है। करतला विकासखण्ड के ग्राम तरदा में रोज सैकड़ों ट्रैक्टर रेत खुलेआम चोरी हो रहा है। बिना रॉयल्टी के रेत औने पौने दामों पा बेंचा जा रहा है। गाड़ी मालिकों का कहना है कि कई विभागों को इसके लिए बकायदा महीने में पैसा भी जाता है (साक्ष्य सुरक्षित)। अवैध रेत निकासी से अधिकारियों के जेब जरूर फूलने लगे है लेकिन सरकार की जेब खाली है क्योंकि बिना रॉयल्टी के प्रतिदिन जिले में हजारों ट्रैक्टर का अवैध परिवहन हो रहा है जिससे शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है वही पर्यावरण को क्षति भी स्वाभाविक है।
भारत माला प्रोजेक्ट में खप रहा अवैध रेत!
तरदा रेत खदान की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते समय पता चला कि अवैध रेत उत्खनन में लगे ज्यादातर ट्रैक्टर भारत माला प्रोजेक्ट में बन रहे सड़क पर खपाया जा रहा है। बिना रॉयल्टी के रेत परिवहन करते पाए जाने पर ट्रैक्टर चालक घाट से भाग खड़े हुए। पूछताछ में पता चला कि रॉयल्टी पर्ची तो कई महीनों से कट ही नही रही है इसके बाद भी रेत की चोरी नही रुक रही है। भारत माला के कार्यालय तरदा में यह रेत का स्टॉक नजर भी आता है।






