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12 जनवरी से नहीं कटा डीओ, समितियों को 1 करोड़ प्रोत्साहन राशि का नहीं हुआ भुगतान, नाराज सहकारी कर्मचारी संघ ने डीएमओ को 19 फरवरी को दी धरना प्रदर्शन की चेतावनी, सौंपा ज्ञापन ।

कोरबा (समाचार मित्र) धान खरीदी पूरा होने के बाद उठाव कार्य में लापरवाही से समिति प्रबंधक परेशान है। कोरबा जिले में समितियां शासन एवं मार्कफेड की उदासीनता का खामियाजा झेल रही हैं, इस साल का धान खरीदी अभियान पूरा हो चुका है ,लेकिन गत वर्ष धान के सुरक्षित रखरखाव की तमाम चुनौतियों के बीच जीरो शार्टेज (शत प्रतिशत )धान परिदान कर कोरबा जिले का मान बढाने वाली समितियों को इसके एवज में दी जाने वाली 1 करोड़ 6 लाख 46 हजार 200 रुपए की प्रोत्साहन राशि आज पर्यंत नहीं मिली। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी द्वारा डीएमओ को 6 माह के भीतर दो बार पत्र व्यवहार के बावजूद मामले में सार्थक पहल नहीं होने से नाराज सहकारी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने डीएमओ से स्वयं मिलकर शीघ्र भुगतान हेतु ज्ञापन सौंपा है । कर्मचारियों ने इसकी अनदेखी पर 19 फरवरी को धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

यहां बताना होगा कि शासन की महती योजना धान खरीदी अभियान में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य करने वाली सहकारी समितियों को खरीदे गए धान का शासन को शत प्रतिशत (जीरो शार्टेज)परिदान करना रहता है। इसके एवज में समितियों को शासन पुरुस्कार स्वरूप प्रति क्विंटल धान के पीछे 5 रुपए प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है । जिसमें से 50 प्रतिशत राशि समिति को तो 50 प्रतिशत राशि कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है। लेकिन प्राकृतिक चुनौतियों बारिश ,ओले , तेज धूप के साथ चूहे ,जंगली जानवरों ,असमाजिक तत्वों से खरीदे गए धान की रखवाली अत्यंत कठिन कार्य होता है। समितियां समय ,धन एवं साहस के साथ इस कार्य को पूरा कर पाती हैं। बावजूद इसके समय पर प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं होने से समितियों की वित्तीय स्थिति बिगड़ जाती है। कोरबा जिले में गत वर्ष समर्थन मूल्य पर खरीदे गए 21 लाख 29 हजार 250 क्विंटल धान का शत प्रतिशत परिदान कर जिले का मान बढाने वाली सभी 41 समितियों को शासन से इसके एवज में दी जाने वाली 1 करोड़ 6 लाख 46 हजार 200 रुपए की प्रोत्साहन राशि का आज पर्यंत भुगतान नहीं हो सका।

डीएमओ को नोडल अधिकारी द्वारा लिखा गया पत्र

इसको लेकर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी एस के जोशी डीएमओ को 6 माह के भीतर दो बार 12 जुलाई 2023 एवं एवं 6 जनवरी 2024 को पत्र व्यवहार कर शीघ्र भुगतान करने का आग्रह कर चुके हैं। बावजूद इसके कोई सार्थक पहल नहीं हुई। जिससे परेशान एवं नाराज छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ सोमवार को डीएमओ को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र भुगतान नहीं किए जाने पर 19 फरवरी को एक दिवसीय अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उन्होंने उक्त समस्या से कलेक्टर को भी अवगत कराया है।

12 जनवरी से नहीं कटा डीओ , मौसम की मार के बीच 87 करोड़ के धान की सुरक्षा बनी मुसीबत,शार्टेज का डर

एक तरफ जहां मार्कफेड गत वर्ष दिए जीरो शार्टेज के धान की प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं करा पा रही है ,वहीं दूसरी ओर खरीदे गए 4 लाख क्विंटलसमर्थन मूल्य पर 87 करोड़ 32 लाख रुपए के धान उठाव के इंतजार में जाम पड़े हैं। बताया जा रहा है 12 जनवरी से मार्कफेड मुख्यालय से लक्ष्य नहीं मिलने से डीओ नहीं कटा है। जिससे समितियों को मौसम के मार तेज धूप में सूखने एवं खराब मौसम बारिश बदली के बीच खराब होने पर शार्टेज का डर सता रहा है। नवापारा में भैसमा ,बेहरचुआं ,रामपुर में 20 हजार क्विंटल से अधिक तो तुमान,जटगा,केरवा द्वारी ,करतला ,उतरदा ,अखरापाली में 15 हजार क्विंटल से अधिक धान जाम हैं। सरहदी केंद्र बरपाली (श्यांग ) में 13 हजार क्विंटल धान जाम हैं।

वर्जन

83 फीसदी कर चुके उठाव,शेष धान के उठाव के लिए नहीं आया लक्ष्यजिले में 83 प्रतिशत के करीब फीसदी धान का उठाव हो चुका है। करीब 4 लाख क्विंटल शेष धान के उठाव हेतु अभी लक्ष्य नहीं आया है।

जान्हवी जिल्हारे ,डीएमओ ,कोरबा

Nimesh Kumar Rathore

Chief Editor, Mob. 7587031310
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