छत्तीसगढ़/बेमेतरा (समाचार मित्र) त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजारों में विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री और मिठाइयों की बिक्री बढ़ गई है। ऐसे समय में द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभागीय टीम द्वारा नियमित निरीक्षण और नमूना संकलन की कार्रवाई की जा रही है।
जिले में “बने खाबो, बने रहिबो 2.0” अभियान के तहत तथा त्यौहारी सीजन के मद्देनजर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा मिठाई निर्माण स्थलों, मिठाई दुकानों, कन्फेक्शनरी के थोक प्रतिष्ठानों, किराना दुकानों एवं होटलों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारियों को खाद्य परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने, अखाद्य रंगों का प्रयोग नहीं करने, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने तथा खाद्य पदार्थों को अखबारी कागज में नहीं रखने के निर्देश दिए गए।
त्यौहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए विभागीय टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से खोवा, मथुरा पेड़ा, रसगुल्ला, पेड़ा, नमकीन सेव, कुंदा, चमचम, बेसन लड्डू एवं सोन पापड़ी सहित अन्य मिठाइयों के नमूने संकलित किए हैं।
अभिहित अधिकारी श्री आशीष यादव एवं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री राजू कुर्रे ने बताया कि संकलित नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि कोई खाद्य पदार्थ अमानक पाया जाता है, तो संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी।
बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने वालों पर भी रहेगी नजरत्यौहारी सीजन के दौरान अक्सर त्यौहार से एक-दो दिन पहले सड़क किनारे अस्थायी पंडाल लगाकर मिठाई एवं अन्य खाद्य सामग्री के स्टॉल लगाए जाते हैं। इनमें कई लोग बिना खाद्य लाइसेंस या पंजीयन के खाद्य कारोबार करते हैं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 31 के अनुसार वैध खाद्य लाइसेंस अथवा खाद्य पंजीयन के बिना खाद्य कारोबार करना दंडनीय है। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से नियमानुसार वैध लाइसेंस या पंजीयन प्राप्त करने की अपील की है।
उपभोक्ताओं से सावधानी बरतने की अपील
वहीं खाद्य कारोबारियों से अपील की गई है कि वे वैध खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीयन लेकर ही कारोबार संचालित करें। खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग स्वच्छ परिसर में स्वस्थ एवं स्वच्छ कर्मचारियों द्वारा की जाए। अमानक खाद्य पदार्थों का विक्रय न करें, अखाद्य रंगों का उपयोग न करें, खाद्य सामग्री को हमेशा ढककर रखें तथा किसी भी प्रकार की मिलावट से बचें। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्यौहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा को लेकर निरीक्षण और नमूना संकलन की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

