
कोरबा (समाचार मित्र) कोरबा जिले के करतला विकासखण्ड में अधिकतर विभागों के अधिकारियों की मनमानी इस कदर बढ़ गयी है कि वे अक्सर अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही करते नजर आते हैं। मामला है एकीकृत महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बरपाली और करतला एकीकृत बाल विकास परियोजना का जिसकी परियोजना अधिकारी कीर्ति कुरियन जैन अपने मुख्यालय में नहीं रहती जिसके कारण परियोजना क्षेत्र के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। राज्य की महत्वपूर्ण व संवेदनशील विभागों में से एक महिला एवं बाल विकास विभाग है जिसमे राज्य में महिलाओं व बच्चों से संबंधित कई योजनाएं संचालित हो रही है।
छत्तीसगढ़ की एकीकृत महिला एवं बाल विकास परियोजना के मुख्य कार्य – गर्भवती महिलाओं और 6 साल से कम उम्र के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। इसमें पूरक पोषण आहार प्रदान करना, टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करना, महिलाओं और बालिकाओं का सशक्तिकरण करना और बाल संरक्षण सुनिश्चित करना शामिल है तथा इसके साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को प्रशिक्षित करना इसके मुख्य कार्य हैं। लेकिन परियोजना अधिकारी की निष्क्रियता व मुख्यालय में नहीं रहने से कार्य काफी हद तक प्रभावित हो रहा है।
मुख्यालय से नदारत रहती हैं परियोजना अधिकारी- ग्रामीणों से पूछने पर पता चला कि परियोजना अधिकारी बाहर से आना जाना करती हैं और महज कुछ घंटे बैठकर रवाना हो जाती हैं और मुश्किल से हफ्ते में एक या दो बार ही कार्यालय पंहुचकर काम काज निपटाती हैं। जिससे विभाग के कार्य काफी प्रभावित हो रहे हैं। किसी अधिकारी के इस तरह से मनमानी तरीके से शासकीय सेवा में होते हुए मुख्यालय में निवास नहीं करना कही न कहीं शासकीय कार्य मे लापरवाही की श्रेणी में आता है।
