KORBA : हर वर्ष सॉफ्टवेयर में होती हैं समस्या, तहसीलों में लग जाती है किसानों की भीड़, रकबा संशोधन कराने काट रहे चक्कर !

कोरबा (समाचार मित्र) राज्य के किसान रकबा, फ़सल विवरण, फौती, वारिसान सहित कई समस्याओं के चलते तहसीलों के चक्कर लगाने को मजबूर है। किसानों के त्रुटि सुधार हेतु अब केवल 2 दिन ही शेष बचे है जिसे आगे बढ़ाने की मांग भी किसान कर रहे है। हर साल नया सॉफ्टवेयर अपडेट किसानों के लिए सिरदर्द बनकर आ जाता है। प्रत्येक वर्ष जब भी धान खरीदी कार्य शुरू होता है तो किसानों का पिछले वर्ष का डेटा अचानक गायब हो जाता है और नए डाटा में किसानों के बहुत सारे विवरण गायब हो जाते हैं। जिसे सुधारने सुधारते किसानों की चप्पल घिस जाती है। राज्य सरकार किसानों के लिए कागजों में योजना तो बना लेती है पर जमीनी स्तर पर उसे क्रियान्वित नहीं कर पाती है।
तहसीलों के लगा रहे चक्कर !

बरपाली तहसील निवासी उमेंद्रराम पटेल किसान ने बताया कि उनके तरदा में धान में लगे हुए फ़सल को शून्य, मक्का लगा हुआ दिखाया गया। उसी प्रकार सैकड़ों की संख्या में किसान रोज तहसील पहुंचकर संशोधन कराने में लगे हुए है।
तहसीलदार अनुपस्थि, SIR में लगा ड्यूटी !
ज्यादातर तहसीलों में तहसीलदार समय पर अनुपस्थित है क्योंकि चुनाव अयोग द्वारा SIR फॉर्म भरने की अंतिम तिथि भी नजदीक है। जिसके चलते तहसीलों में तहसीलदार कम ही नज़र आ रहे है।
सर्वे करने में हुए त्रुटि, किसानों को हो रही अब समस्याएं !
फसल विवरण दर्ज़ करते समय सर्वे टीम में शामिल पटवारी सहित अन्य कर्मचारियों के द्वारा हुई त्रुटि का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसान संशोधन कराने के लिए तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे है।
