समय सीमा में पूरा नहीं हुआ धान उठाव, मिलर्स की लापरवाही से 3.92 लाख क्विंटल धान अब भी जाम !

कोरबा (समाचार मित्र) कहा कि शासन द्वारा धान उठाव के लिए पर्याप्त समय और व्यवस्था उपलब्ध कराई गर्ड थी. इसके बावजद निर्धारित तिथि तक कार्य परा न होना गंभीर लापरवाही दर्शाता है। उन्होंने सभी मिलर्स को चेतावनी देते हुए कहा कि अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक मिलर को दैनिक लक्ष्य निर्धारित कर तत्काल उठाव कार्य तेज
करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे उपार्जन केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग करें और जहां उठाव की गति धीमी है, वहां तत्काल समन्वय कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि
यदि किसी मिलर द्वारा जानबझकर देरी की गई तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपार्जन केंद्रों में 3 लाख 92 हजार क्विंटल धान जाम होने से भंडारण व्यवस्था पर भी दबाव बढ गया है। मौसम परिवर्तन की संभावना को देखते हए
प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखम नहीं लेना चाहता। किसानों की मेहनत की फसल सूराक्षत रहे, इसके लिए समय पर उठाव बेहद आवश्यक बताया गया है।
बैठक के दौरान मिलर्स ने परिवहन, मजदरों की उपलब्धता और तकनीकी कारणों का हवाला दिया, जिस पर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन स्तर पर किया जाएगा, लेकिन कार्य में ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में उठाव की प्रगति की दैनिक समीक्षा की जाएगी। अब देखना होगा कि मिलर्स तय संमय में लंबित 3.92 लाख क्विंटल धान का उठाव कितनी तेजी से पूरा कर पाते हैं।
जिले के उपार्जन केंदों से धान उठाव के लिए 28 फरवरी की तिथि तय की गई थी। यह समय सीमा बीत जाने के बाद भी धान उठाव नहीं हो सका। अभी भी उपार्जन केन्द्रों में 3 लाख 92 हजार क्विंटल धान जाम है। बढते दबाव और संभावित मौसमीय जोखिम को देखते हए कलेक्टर ने मिलर्स की आपात बैठक लेकर जल्द से जल्द उठाव पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कलेक्टर कृणाल दुदावत ने स्पष्ट चेतावनी दी है।