
कोरबा (समाचार मित्र) गणतंत्र दिवस के अवसर हमारे देश भारत ने अपना संविधान अपनाया था और लोकतंत्र की स्थापना की थी। पूरे देश भर में बड़े हर्षोल्लास के साथ 77वां गणतंत्र दिवस समारोह धूमधाम से मनाया। कोरबा जिले करतला विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत फरसवानी में भी इस आयोजन को खास तरीके से मनाया गया। ग्राम पंचायत भवन में सरपंच श्रीमती ज्योति प्रहलाद बियार ने सचिव संतोष दीवान, उपसरपंच श्रीमती सीमा राठौर एवं पंचगणों की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया। सुबह सुबह सभी स्कूल के बच्चे अपने अपने स्कूलों में ध्वजारोहण के बाद ग्राम पंचायत फरसवानी के बीच गली तक रैली निकाला। वन्दे मातरम एवं “भारत माता की जय घोष” के साथ पूरे गांव में भ्रमण किया। जहां बीच गली में विशेष ध्वजारोहण कार्यक्रम में सम्मिलित होकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण पहुंचे जहां रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन रखा गया।


सभी स्कूल के बच्चों ने मिलकर दी शानदार प्रस्तुति !
ग्राम पंचायत फरसवानी में मौजूद प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के साथ सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल, इंडियन पब्लिक स्कूल एवं किशोर पब्लिक स्कूल के छात्र छात्राओं ने देशभक्ति गीतों का मनमोहक प्रस्तुति दी। इस दौरान कई बच्चों ने डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, महान् ज्योतिबा फुले, रानी लक्ष्मी बाई, इंदिरा गांधी आदि बनकर महिलाओं का देश में प्रतिनिधत्व एवं उनकी भूमिका से जुड़े नाट्य प्रस्तुति पेशी की जिसमें बालिका शिक्षा, बाल विवाह, छत्तीसगढ़ की लॉक संस्कृति से जुड़े तीज़ त्योहारों के संबंध में नृत्यकला के साथ ज्ञान वर्धक जानकारी दी गई। वहीं एक कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी एवं शंभाजी महाराज के द्वारा दिए अपने देश धर्म के लिए दिए बलिदान पर बहुत शानदार प्रस्तुति छात्रों द्वारा दी गई।

कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों एवं उपस्थित दर्शकों को प्रसाद वितरण किया गया हैं। उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप जनपद सदस्य फिरंत पप्पू राठौर मौजूद रहें। वही कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकृष्ण तिवारी जनभागीदारी समिति अध्यक्ष ने की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष रामनारायण शराफ़, प्राचार्य श्रीमती प्रिया मैडम, सरपंच श्रीमती ज्योति प्रहलाद बियार, सूरज सोनी विधायक प्रतिनिधि, उपसरपंच श्रीमती सीमा राठौर, पंच रामगोपाल बियार, संतोष राठौर, आदित्य राठौर, अमन सोनी, मनोज राठौर, जयनारायण सोनार, समस्त स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाएं, ग्रामीणजन, बड़ी संख्या में महिलाएं आदि मौजूद रही।
मंच संचालन राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षिका डॉ. गीतादेवी हिमधर ने किया।
कार्यक्रम की मंच संचालिका विद्वान व्याख्याता डॉ. गीतादेवी हिमधर ने मंच के माध्यम से कहा कि बालिका शिक्षा पर समाज को जोर देने की आवश्यकता है उन्होंने बताया कि वो खुद एक महिला है और महिला होने के बाद भी समाजिक चुनौतियों को स्वीकर करते हुए उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और आज व्याख्याता जैसे पदों पर सेवा दे रही हैं यही नहीं शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने पर उनका अटूट विश्वास और जुनून इतना है कि उनके द्वारा एक विषय पर शोध कर PHD की पढ़ाई कर डॉक्टर की उपाधि तक प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि आजकल समाज में अशिक्षा के चलते अपराध और महिलाओं पर अत्याचार रेप, छेड़खानी और अन्य जघन्य अपराध बढ़ रहे है जिससे बेटियों को पढ़ने में परेशानी हो रही है परंतु जागरूकता और सतर्कता से सब काम संभव है। डॉ. गीतादेवी हिमधर के भाषणों को मंच पर बैठे सभी अतिथियों ने सराहना की।
















































