रेत खदानों में व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश, जोगीपाली (क) बताकर झिंका में कर रहे अवैध उत्खनन पर कार्यवाही कब, अवैध रेत उत्खनन पर कसेगा शिकंजा ?

कोरबा (समाचार मित्र) कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा जिला कोरबा की स्वीकृत 20 रेत खदानों में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। प्रत्येक रेत खदान के मुख्य मार्ग एवं खदान क्षेत्र के समीप उत्खनन-पट्टा संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने वाली पट्टिकाएं स्थापित की गई हैं, ताकि आम नागरिकों को खदान की स्वीकृति, संचालन अवधि एवं अन्य आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके।
खदान क्षेत्रों की प्रारंभिक एवं अंतिम सीमाओं को स्पष्ट रूप से चिह्नित करने हेतु दोनों ओर सीमा-बोर्ड लगाए गए हैं। साथ ही दिशा-सूचक पट्टिकाएं भी स्थापित की गई हैं, जिससे निरीक्षण कार्य और आवागमन सुगम हो तथा अनधिकृत गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके।
जोगीपाली (कनकी) की भूमि बताकर झिंका से निकाल रहे रेत !
खनिज विभाग की मेहरबानी से करतला विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम जोगीपाली (कनकी) से प्रस्तावित रेत खदान पर मोहरा पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम झिंका से धड़ल्ले से अवैध रेत परिवहन किया जा रहा है जिसपर खनिज विभाग का ध्यान नहीं। कई बार शिकायत के बाद भी कुछ दिनों तक अवैध रेत उत्खनन रोक लगाने के बाद फिर शुरू कर दिया गया। वहीं स्थानीय लोगों को रोजगार देने के बजाए बड़ी 4बड़ी मशीनें लगाकर नदी का सीना चीरकर अवैध रेत उत्खनन करने से रेत माफिया बाज नहीं आ रहे है। बिना रॉयल्टी रेत परिवहन करके शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया जा रहा है जिसपर खनिज अधिकारी मौन है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम झिंका और कोरबा के सीतामढ़ी घाट से लेकर देवरमाल हसदेव नदी के बीच कई ऐसे स्थान बताए जा रहे हैं, जहां से कथित रूप से अवैध रेत निकासी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन स्थानों पर निगरानी अपेक्षाकृत कम होने के कारण अवैध उत्खनन की गतिविधियां संचालित हो रही हैं और कई बार शिकायत के बावजूद अधिकारी त्वरित कार्रवाई नहीं करते।