
बिलासपुर/ बेलतरा (समाचार मित्र) बसंत पंचमी के पावन अवसर पर 23 जनवरी 2026 को नवीन शासकीय महाविद्यालय बेलतरा में विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का विधिवत पूजन-अर्चन श्रद्धा एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ दीपशिखा शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर अपने उद्बोधन में डॉ दीपशिखा शुक्ला ने कहा कि बसंत पंचमी ज्ञान, सृजन और नवचेतना का पर्व है। माँ सरस्वती की उपासना से विद्यार्थियों में विवेक, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है। शिक्षा को जीवन निर्माण का आधार बनाना ही इस पर्व का मूल संदेश है। उन्होंने बसंत पंचमी के दिन जन्मे हिंदी के मूर्धन्य कवि डॉ सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित सरस्वती वंदना ‘वर दे वीणा वादिनी वर दे’ का सस्वर गायन किया। कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ शिवदयाल पटेल, सहायक प्राध्यापक हिंदी, ने कहा कि बसंत पंचमी भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रतीक पर्व है, जो साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा देता है। यह पर्व सत्य और सद्भाव के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। डॉ देवेंद्र साहू, सहायक प्राध्यापक राजनीतिशास्त्र, ने कहा कि माँ सरस्वती की आराधना अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा प्रदान करती है। शिक्षा के माध्यम से ही सामाजिक एवं नैतिक चेतना का विकास संभव है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ श्रुति गवास्कर, सत्यवती, अनिमेष गुप्ता, उदयन पटेल ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के शुरुआत में डॉ मनोज कुमार पांडेय एवं डॉ निधि तिवारी के आयोजन व्यवस्था में सरस्वती पूजन का कार्यक्रम विधिवत किया गया। सरस्वती वंदना एवं अतिथियों का स्वागत गान चंचल, खुशबू बसंतोत्सव नृत्य खुशबु, चंचल, ममता, पूजा, खुशी, कुसुम, चांदनी, शालिनी, पुष्पा ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ छात्रा शिवांगी कश्यप एव आभार प्रदर्शन किशन ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनीषा, अलीशा, सत्या, पूनम, सुरेखा, चंद्रशेखर, रागिनी, दिलेश्वरी, श्रद्धा, अनिता, प्रीति, सारिका, करन, अनुसुइया, स्मृति, प्रियंका, आरती, पूनम, योगिता,अनिता, किशन, अमीषा, कुसुम, गीतांजलि, प्रिया, रुचि, प्रभा, प्रतिभा, रजनी, कौशल्या, पुष्पा, संगीता, दीपक का महत्वपूर्ण योगदान रहा।कार्यक्रम का समापन आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

















































