नए वित्तीय वर्ष 2025-26 में क्या क्या हुआ बदलाव, 1 अप्रैल 2025 से बदल जाएंगे ये 10 बड़े नियम, जानिए कैसे पड़ेगा आपकी जेब पर असर !

देश (समाचार मित्र) नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत के साथ ही कई नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं, जो सीधे आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं. 1 अप्रैल 2025 से बैंकिंग, GST, इनकम टैक्स और डिजिटल पेमेंट जैसे कई सेक्टर्स में बदलाव लागू होंगे, जिनका असर हर आम नागरिक और बिजनेस करने वालों की जेब पर पड़ेगा.
1 अप्रैल 2025 से UPI, बैंकिंग से लेकर GST, LPG प्राइस और इनकम टैक्स तक कई नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं. आपके लिए इन नियमों को जानना जरूरी है क्योंकि इनका असर सीधा आपकी जेब पर पड़ेगा.
ऐसे में अगर आप पहले से तैयार रहेंगे, तो किसी भी परेशानी से बच सकते हैं.आइए जानते हैं 1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाले 10 बड़े बदलाव के बारे में…
1. UPI नियमों में हुआ बड़ा बदलाव –
नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) 1 अप्रैल, 2025 से ऐसे मोबाइल बैंकों के UPI ट्रांजैक्शन को बंद करने वाली है, जो लंबे से इनएक्टिव हैं. यानी अगर आपके बैंक अकाउंट से कोई पुराना नंबर लिंक्ड है, जो लंबे समय से बंद है तो UPI ट्रांजैक्शन को जारी रखने के लिए आपको 1 अप्रैल, 2025 से पहले बैंक अकाउंट से नया नंबर लिंक करा लेना चाहिए. अगर आप 1 अप्रैल, 2025 से पहले इस काम को पूरा नहीं करते हैं तो आपको UPI से ट्रांजैक्शन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
2. डोरमेंट अकाउंट किए जाएंगे बंद
1 अप्रैल, 2025 से, NPCI (National Payments Corporation of India) फ्रॉड और फिशिंग स्कैम को रोकने के लिए पिछले 12 महीनों में इस्तेमाल नहीं किए गए UPI ID को डिसेबल कर देगा. जो यूजर्स अपनी डोरमेंट UPI ID को फिर से एक्टिवेट नहीं करते हैं, वे उन्हें पूरी तरह से खो सकते हैं. इसलिए बिना किसी रुकावट के डिजिटल पेमेंट करने के लिए आपको डोरमेंट9(Dormant Accounts) UPI ID को फिर से एक्टिव करना होगा.
3. अब FD होगी ज्यादा फायदेमंद
अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करते हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. 1 अप्रैल से FD, RD और इस तरह की दूसरी सेविंग स्कीम्स पर बैंक 1 लाख रुपये तक के ब्याज पर TDS नहीं काटेगा. ध्यान दे कि यह लिमिट सीनियर सिटीजन के लिए तय की गई है, उनके लिए पहले ये लिमिट 50 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अब 1 लाख रुपये कर दिया गया है. वहीं, दूसरे निवेशकों को भी राहत दी गई है, और उनके लिए इस लिमिट को 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है. यानी सीनियर सिटीजन को FD पर अगर एक साल में 1 लाख रुपये तक का इंटरेस्ट मिलता है तो उस पर कोई TDS नहीं कटेगा. सीनियर सिटीजन के लिमिट को सीधा डबल कर दिया गया है, जिससे उन्हें काफी फायदा होगा.
4. सेविंग अकाउंट और FD इंटरेस्ट रेट में बदलाव
कई बैंक 1 अप्रैल से सेविंग अकाउंट और FD की ब्याज दरों में बदलाव करने जा रहे हैं. SBI बैंक, HDFC बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और IDBI बैंक जैसे कई बैंकों ने अपनी FD और स्पेशल FD के इंटरेस्ट रेट में बदलाव किया है. आप बैंक की वेबसाइट पर जाकर एक अप्रैल से लागू होने वाली ब्याज दरों को चेक कर सकते हैं.
5. शेयर मार्केट से डिविडेंड पाने के लिए पैन-आधार करना होगा लिंक
आपका पैन-आधार लिंक (PAN-Aadhaar link) नहीं तो 1 अप्रैल से आपको स्टॉक्स पर डिविडेंड नहीं मिलने वाला है. इसके साथ ही कैपिटल गेन पर TDS की कटौती भी बढ़ जाएगी और आपको फॉर्म 26AS में कोई क्रेडिट भी नहीं मिलेगा.
6. डीमैट-म्यूचुअल फंड अकाउंट के नियम होंगे कड़े
SEBI ने म्यूचुअल फंड और डीमैट अकाउंट खोलने के नियमों को और सख्त किया है, नए नियमों के मुताबिक सभी निवेशकों को अपने KYC और नॉमिनी डिटेल को फिर से अपडेट करना जरूरी है. ऐसा नहीं करने पर आपका डीमैट अकाउंट फ्रीज किया जा सकता है. हालांकि, आप फ्रीज हुए अकाउंट को फिर से एक्टिव करा सकते हैं.
7. सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी
1 अप्रैल से, अगर आपके सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस (Savings Account Minimum Balance)नहीं है, तो बैंक आप पर जुर्माना लगा सकते हैं. विभिन्न बैंकों की मिनिमम बैलेंस लिमिट अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए जुर्माने से बचने के लिए अपने बैंक की पॉलिसियों को समझना जरूरी है.
8. GST नियमों में बदलाव भारत सरकार नए
फाइनेंशियल ईयर में GST (Goods and service tax) के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है. इसके तहत 1 अप्रैल 2025 से इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर (ISD) सिस्टम लागू होने जा रहा है. इस बदलाव का मकसद राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू के सही डिस्ट्रीब्यूशन की गारंटी देना है.
9. LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में होगा बदलाव
जैसा कि आपको पता है हर महीने की शुरुआत में LPG गैस सिलेंडर की कीमतों (LPG Gas Cylinder Prices)को पहले रिव्यू किया जाता है और फिर उसमें संशोधन किया जा है. 1 अप्रैल से तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव कर सकती हैं, जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा. बता दें अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों और डॉलर – रुपए के एक्सचेंज रेट के आधार पर हर महीने गैस सिलेंडर की कीमत तय की जाती है.
10. नए टैक्स नियम होंगे लागू
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 में मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में बड़ी राहत दी थी. 1 अप्रैल 2025 से सालाना 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री होगी, लेकिन यह राहत केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगी, जो नए टैक्स रिजीम को चुनते हैं.असेसमेंट ईयर 2025-26 आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल से शुरू होगा. यानी अब से नया टैक्स सिस्टम डिफॉल्ट होगा. अगर कोई टैक्सपेयर 80C का बेनिफिट लेने के लिए ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत टैक्स फाइल करना चाहता है, तो उसे इसका विकल्प अलग से चुनना होगा.