Nimesh Kumar Rathore (Advocate)
देश (समाचार मित्र) भारत देश में बढ़ता अपराध ग्राफ हर वर्ग के लोगों के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा है। देश में महिलाओं के साथ हो रहे अपराध में तेजी से वृद्धि हुई हैं। साइबर अपराध तो बहुत तेज़ी से बढ़ रहे है। सामान्य रूप से अपराध की जांच/अन्वेषण कर पुलिस विचारण न्यायालय के समक्ष केस प्रस्तुत कर पीड़ित को न्याय दिलाती है। परंतु न्यायालय द्वारा दिए लंबे समय अवधि के बाद फैसले में पीड़ित पक्ष का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है साथ हो पीड़ित को न्याय तो मिलता है परंतु पैसे की बर्बादी का कोई समाधान अबतक नहीं मिला। सैकड़ों वर्षों से चल रही इस व्यवस्था पर अब कुछ बदलाव की आवश्यकता है ताकि आरोपी बार बार अपराध करने से बचे।
अपराध को रोकने के लिए अपराधियों से नुकसान की वसूली का रास्ता निकालना एक प्रभावी तरीका हो सकता है। जब अपराधियों को पता चलता है कि उनके अपराधों के परिणामस्वरूप उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, तो वे अपराध करने से पहले दो बार सोचते हैं।
अपराधियों से नुकसान की वसूली के फायदे: –
- अपराध रोकथाम: अपराधियों को पता चलता है कि उनके अपराधों के परिणामस्वरूप उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, जिससे वे अपराध करने से पहले दो बार सोचते हैं।
- पीड़ितों को न्याय: पीड़ितों को उनके नुकसान की भरपाई मिलती है, जिससे उन्हें न्याय मिलता है।
- सामाजिक जिम्मेदारी: अपराधियों को अपने अपराधों की जिम्मेदारी लेनी पड़ती है, जिससे वे समाज में अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। उदाहरण:- अमेरिका में कई राज्यों में अपराधियों से नुकसान की वसूली के लिए कानून हैं।- ऑस्ट्रेलिया में अपराधियों से नुकसान की वसूली के लिए एक विशेष फंड बनाया गया है।- भारत में भी अपराधियों से नुकसान की वसूली के लिए कानून बनाने की आवश्यकता है।
