
कोरबा/करतला (समाचार मित्र) कोरबा जिले के एक गांव में गणतंत्र दिवस समारोह के बाद दूसरे दिन शिक्षकों ने आपसी सहमति से स्कूल का स्थानीय अवकाश घोषित कर दिया। मामला करतला विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत भैंसामुड़ा के आश्रित ग्राम कुर्रिहापारा के शासकीय प्राथमिक शाला का है जहां शिक्षकों ने खुद को नियमों से परे रखते हुए गणतंत्र दिवस समारोह के बाद अगले दिन स्कूल की छुट्टी घोषित कर दी। छुट्टी घोषित करने के कारण अगले दिन मंगलवार को कोई भी शिक्षक स्कूल नहीं आया जिससे स्कूल में ताला जड़ा हुआ था। स्थानीय लोगों ने बताया कि मंगलवार को कोई भी शिक्षक और छात्र छात्राएं स्कूल नहीं पहुंचे थे।
बच्चों को नहीं मिला मध्याह्न भोजना का लाभ !
मंगलवार को शिक्षकों द्वारा स्कूल बंद करने से एक भी छात्र छात्राएं स्कूल नहीं पहुंचे और किसी भी बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं परोसा गया जिससे शासन की अति महत्वाकांक्षी योजना का क्रियान्वयन नहीं हुआ। शिक्षकों की लापरवाही से बच्चों की शिक्षा के साथ साथ मध्यान्ह भोजन जैसे अति महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ भी छात्रों को नहीं मिल रहा है।
शिक्षकों की मनमानी, मनमर्जी से बंद कर देते है स्कूल !
प्राथमिक शाला कुर्रिहापारा के प्रधानपाठक अशोक पाण्डेय एवं अन्य शिक्षक की लापरवाही से पूरे स्कूल की छुट्टी थी जबकि जिलेभर के स्कूलों में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे और मध्याह्न भोजना परोसा जा रहा था। शिक्षकों की लापरवाही से छात्रों की शिक्षा का स्तर कमजोर हो रहा है। शिक्षक स्कूल बंद करके अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे है।
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस !
मामले को गंभीरता पूर्वक लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी संदीप पाण्डेय ने स्कूल बंद करके मध्यान्ह भोजन योजना का क्रियान्वयन नहीं करने वाले प्रधानपाठक अशोक पाण्डेय एवं गुलाब सिंह कंवर सहायक शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया और 24 घंटे के भीतर स्कूल बंद करने का कारण पूछा है। वही मामले में जांच का विषय है कि क्या शिक्षकों ने 27 जनवरी को उपस्थिति पंजी में अपना उपस्थिति दर्ज तो नहीं किया है ? फिलहाल मामले में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लें लिया है देखना होगा कि अब शिक्षा विभाग ऐसे मनमानी करने वाले शिक्षकों पर क्या कार्यवाही करती है।
















































