एससी/एसटी आरक्षण में यह नियम लागू करने संबंधी याचिका, SC में इस महीने होगी सुनवाई, जानें क्या है पूरा मामला ।

नई दिल्ली (समाचार मित्र) सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एससी/एसटी आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ लागू करने की मांग पर सुनवाई करने का फैसला किया है। यह याचिका रामाशंकर प्रजापति ने दायर की है। उनका कहना है कि आरक्षण का फायदा ज्यादातर एससी/एसटी के अमीर और मजबूत वर्ग को मिल रहा है, जबकि गरीब लोग पीछे रह जाते हैं। याचिका में कहा गया है कि एससी/एसटी आरक्षण में दो स्तर हों, पहले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को, फिर बाकी को मौका मिले। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बैंच ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है और 10 अक्तूबर को अगली सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता ने 2024 के देविंदर सिंह केस का हवाला दिया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एससी/एसटी में भी ‘क्रीमी लेयर’ यानी अमीर वर्ग की पहचान करके उन्हें आरक्षण से बाहर किया जा सकता है।
अदालत ने माना था कि ऐसा करने से ही असली समानता आएगी। बता दें कि केंद्र सरकार ने नौ अगस्त, 2024 को घोषणा की थी कि अनुसूचित जाति और जनजातियों (एससी/एसटी) के आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं किया जाएगा। कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा था कि एनडीए सरकार बीआर अंबेडकर के बनाए गए संविधान से बंधी है। इस संविधान में एससी/एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर का कोई प्रावधान नहीं है।






